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Rohtak News: हाल-ए-पीजीआई...बीपी का इलाज न दिल के दर्द का, बस परामर्श की दवा से उपचार

Fri, 21 Feb 2025 01:41 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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20सीटीके24 पीजीआईएमएस दवाई लेने के​ लिए लाइन में लगे मरीज।संवाद
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रोहतक।
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पंडित भगवतदयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआई) में पिछले करीब एक माह से दवा का टोटा बना हुआ है। इलाज के लिए आ रहे मरीजों को बीपी की दवा मिल रही है न दिल के दर्द की। एस्पिरिन तक मरीजों को बाजार से खरीदनी पड़ रही है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले मरीजों को यहां चिकित्सीय परामर्श बखूबी मिल रहा है, मगर दवा के लिए बाहर के मेडिकल स्टोर पर निर्भर होना पड़ रहा है।
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प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पीजीआई में दूर-दराज से मरीज इलाज के लिए आते हैं। इन दिनों ओपीडी में करीब छह हजार मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें हर वर्ग व हर तरह के मरीज शामिल हैं। इन मरीजों को यहां चिकित्सकों से परामर्श पूरा मिल रहा है। राहत के लिए दवा बाजार से खरीदनी पड़ रही है। मरीजों को ओपीडी की दवा खिड़की से चार में से मुश्किल से दो दवा ही उपलब्ध हो पा रही है, जबकि बीपी मरीजों का बीपी नियंत्रित रखने, दिल के मरीजों के दर्द व खून पतला करने वाली व अन्य जरूरी दवाएं नहीं मिल रही हैं। इसकी वजह पिछले एक माह से दवा की कमी बताई जा रही है। स्टोर में भी दवा नहीं है। इस कारण मरीज परेशान हैं।


कौन सी दवा किस रोग में है कारगर
एस्पिरिन : हल्के से मध्यम दर्द, सूजन या गठिया के इलाज, दिल के दौरे, स्ट्रोक या रक्त के थक्के के जोखिम को कम करती है।
अटोर्वा : यह टैबलेट खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को ठीक करती है।
डिक्लोफेनाक : इसका उपयोग दर्द, सूजन को दूर करने के लिए किया जाता है।



मां का इलाज कराने के लिए सुबह आठ बजे पीजीआई आए थे। यहां लगभग दो घंटे लाइन में लगने के बाद भी दिली के इलाज की दवा नहीं मिली। इस कारण सभी दवा बाहर से लेनी पड़ रही है।
वासु, गौरया, झज्जर।


अंगुलियों में दर्द है। इलाज कराने के लिए सुबह नौ बजे पीजीआई में आया था। कार्ड बनवाकर चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सक ने जांच के बाद दवाइयां लेने की सलाह दी। दवा खिड़की पर डेढ़ घंटे लाइन में खड़ा रहा। नंबर आने पर मालिश का एक जैल देते हुए बाकी दो दवा बाहर से खरीदने की बात कही। पंकज, काहनौर।


सोमवार सुबह 11 बजे से लाइन में लग हूं। डॉक्टर ने पर्ची पर चार दवा लिख कर दी है। पीजीआई एक जैल व कैल्शियम की गोलियां ही मिली हैं। शेष दवा महंगी हैं। ये बाजार से खरीदी जानी हैं।
कर्मपाल, सैमाण।


सोमवार सुबह नौ बजे पीजीआई में इलाज के लिए आया था। पैर में कई दिनों से दर्द है। यहां डॉक्टर ने जांच के बाद दवा लिख कर दी है। दर्द के बावजूद पिछले एक घंटे से दवा काउंटर पर कतार में खड़ा हूं। अब नंबर आया तो दवा बाजार से लेने के लिए कहा गया है। यहां केवल जैल ही मिला है।
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गोर्धन, झांसवा, झज्जर।

वर्जन
पीजीआई में मरीजों को दी जाने वाली सभी दवाइयां उपलब्ध हैं। फिर भी मरीजों को दवाई नहीं मिल रही है तो इस ओर संज्ञान लिया जाएगा। दवा नहीं मिलने पर व्यक्ति चिकित्सा अधीक्षक के मिलकर अपनी बात रख सकता है। इस पर संबंधित अधिकारियों से जबाब मांगा जाएगा।
डॉ. वरुण अरोड़ा, जनसंपर्क अधिकारी, पीजीआईएमएस।
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