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Jhajjar-Bahadurgarh News: तहसील कार्यालय में स्थायी स्टांप वेंडर न होने से आमजन परेशान

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स्टांप की कमी को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपते ग्रामीण।
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बादली। तहसील कार्यालय में स्थायी तौर पर वेंडर नहीं है, जबकि अस्थायी तौर पर स्टांप बेचने वालों के लाइसेंस रिन्यू नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में कुछ बाहरी लोग जरूरतमंद लोगों से मनचाही कीमत वसूल रहे हैं। स्टांप की कमी इन दिनों दलालों की कमाई का जरिया बनी हुई है। कम मूल्य के स्टांप के तहसील कार्यालय में मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं।
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तहसील कार्यालय में बैठे वेंडर जहां स्टांप की कमी का हवाला देते हैं, वहीं कुछ लोग ज्यादा पैसे लेकर स्टांप पेपर बेच देते हैं। लोग मकान, प्लॉट, जमीन की रजिस्ट्री सहित अन्य कई कामों में महंगे स्टांप लगाकर ही अपना कार्य उद्देश्य पूरा कर पा रहे हैं। वहीं स्टांप वेंडरों का कहना है कि लाइसेंस रिन्यू नहीं होने से स्टांप नहीं मिल रहे हैं। दो माह से स्टांप नहीं मिले हैं। ऐसे ही कई लोग तहसील कार्यालय प्रांगण में प्रतिदिन स्टांप लेने के लिए स्टाम्प वेंडरों के चक्कर लगाते देखे जा सकते हैं।
अटक रहे लोगों के काम
जाति प्रमाण पत्र, शपथ पत्र, सहमति पत्र, रजिस्ट्री, नामांत्रण और न्यायालयीन मामलों सहित अन्य बहुत कामों में स्टांप का उपयोग किया जाता है। तहसील में लंबे समय से 10, 20, 50 और 100 रुपये मूल्य के स्टांप का टोटा बना हुआ है। लोग स्टांप के लिए तहसील प्रांगण में स्टांप वेंडर के चक्कर लगा-लगाकर परेशान हैं।
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एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
ग्रामीण होशियार सिंह, मैनपाल, शेरसिंह, राजसिंह, राजपाल, राजकुमार निमाना, रामफल दरियापुर, उमेद और बलबीर ने एसडीएम की मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। लोगों ने मांग की है कि तहसील कार्यालय में स्थायी तौर पर वेंडर के लिए लाइसेंस जारी किए जाए, ताकि स्टांप के लिए बहादुरढ़ और झज्जर न जाना पड़े। वहीं एसडीएम रविंद्र कुमार का कहना है कि आमजन की समस्या का समाधान करवाया जाएगा। वेंडर लाइसेंस पर सरकारी प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी, जबकि महंगे दामों पर स्टांप बेचने वालों में लगाम लगाकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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