23सीटीके21... पीजीआई आपात कालीन विभाग के पास स्कूटी चालक से कोड पुछते सुरक्षा गार्ड। संवाद
रोहतक। पीजीआईएमएस प्रशासन ने बाइक चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए नया इंतजाम किया है। आपातकालीन विभाग की पार्किंग के लिए दोपहिया वाहन चालकों को सिक्योरिटी गार्ड की ओर से एक कोड दिया जाएगा। चालकों को उसे याद रखना होगा। पार्किंग से वाहन निकालते समय गार्ड को कोड संख्या बतानी होगी। कोड नहीं बता पाने पर आपको वाहन का नंबर और उसके दस्तावेज दिखाने होंगे। ऐसा न करने पर आपको वाहन ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। इस प्रक्रिया में संतोषजनक परिणाम मिलने पर ट्रॉमा सेंटर, ओपीडी जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर भी यह सिस्टम शुरू किया जाएगा।
मई के पहले सप्ताह में पीजीआई प्रशासन ने मेडिकल मोड़ पर टोकन सिस्टम का ट्रायल शुरू किया था, लेकिन जाम लगने और एंबुलेंस फंसने से यह व्यवस्था बंद कर दी गई थी। अब फिर से आपातकालीन विभाग की पार्किंग से वाहन चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए पीजीआई प्रशासन ने प्रयास शुरू किए है। सबसे ज्यादा बाइक यहीं से चोरी होती हैं। यह प्रक्रिया कामयाब होती है तो इसे स्थायी कर दिया जाएगा। इसकी पार्किंग निशुल्क है। पार्किंग से पहले सुरक्षाकर्मी वाहन का नंबर डायरी में नोट करेगा, इसके बाद चालक को कोड दिया जाएगा। फिलहाल पार्किंग क्षेत्र को रस्सी से बांधा गया है। सुरक्षा गार्ड लगातार इस क्षेत्र में चक्कर लगाते रहते हैं। यहां से दूसरे दिन एक वाहन चोरी होने के मामले आ रहे हैं।
जनवरी से आज तक वाहन चोरी के केस
-चोरी के मामले आए : 97
-पकड़े गए : 34
-रिकवर हुए : 70
-एफआईआर हुई : 97
हर दूसरे दिन चोरी हो रही बाइक
हर दूसरे दिन एक दो दोपहिया वाहन चोरी हो रहा है। सबसे ज्यादा बाइक चोरी की घटनाएं पीजीआई से आती हैं। पीजीआई निदेशक और एसपी के बीच इस मामले को लेकर उच्चस्तर बैठक भी हो चुकी है। प्रशासन चोरी की घटना को लेकर गंभीर है। पिछले छह माह में 97 दोपहिया वाहन चोरी हो चुके हैं।
संस्थान ऊंचाइयों पर जा रहा है। यहां अन्य राज्यों से मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में वाहन चोरी की घटनाओं को रोकना काफी जरूरी है।
-कुंदन मित्तल, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआईएमएस