रिसर्च का समय बीतने के साथ ही कोवैक्सीन से उम्मीद बढ़ती जा रही है कि जल्द ही लोगों को महामारी से बचाने के लिए वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी। पीजीआईएमएस ने शनिवार को दूसरे फेज की रिसर्च का पार्ट पूरा कर लिया है। एक्सपर्ट ने इस सप्ताह मंगलवार से शनिवार के बीच 50 वॉलंटियरों को दूसरी डोज भी दे दी है। सभी का स्वास्थ्य बिल्कुल सही है।
कोवैक्सीन रिसर्च के को-इन्वेस्टिगेटर डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि पहले फेज में 80 व दूसरे फेज में 50 वालंटियरों को कोवैक्सीन की दो-दो डोज दी जा चुकी है। इन सभी के समय पर सैंपल भी लिए जा रहे हैं। अभी तक कोई ऐसा केस सामने नहीं आया है कि वैक्सीन लगने के बाद किसी को कोई समस्या हुई हो या उसे कोरोना का संक्रमण हुआ हो। दूसरे फेज में शामिल वालंटियरों का 28 दिन बाद वाला सैंपल भी ले लिया गया है। एक्सपर्ट ने बताया कि तीसरे फेज की रिसर्च नवंबर के तीसरे सप्ताह में शुरू हो सकती है। इसमें अधिक संख्या में वालंटियरों को शामिल किया जाएगा। इसकी तिथि और संख्या अभी तय नहीं हुई है।
वैक्सीन का क्या होगा लाभ
टीकाकरण से जुड़े एक्सपर्ट मानते हैं कि अभी रिसर्च जारी है, कोवैक्सीन के बारे में अभी सटीक नहीं कहा जा सकता। लेकिन जिस प्रकार अभी तक परिणाम आ रहा है, उससे तय है कि वैक्सीन सफल हो जाएगी। हालांकि यह भी सत्य है कि वैक्सीन लगने के बाद भी 100 में से 15 या 20 को संक्रमण हो जाए लेकिन वह गंभीर स्थिति में नहीं पहुंचेंगे।