clean app mis use by city citizen
रोहतक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस से जंग का सबसे बड़ा योद्धा सफाई कर्मियों को भी माना है। वे समय-समय पर सफाई कर्मियों को स्वच्छता सेनानी की संज्ञा देते रहे हैं और 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व पुलिस कर्मियों के साथ सफाई योद्धाओं के लिए ताली-थाली बजाने का भी आह्वान किया था। पीएम के आह्वान के बाद विधायक व नेता भी यूं तो सफाई कर्मियों पर जगह-जगह जाकर फूल बरसा रहे हैं, लेकिन इन्हीं योद्धाओं को शहरवासी सफाई करवाने के नाम पर परेशान भी कर रहें हैं। नाममात्र कूड़े की भी लोग स्वच्छता एप फोटो डाल रहे हैं। शिकायत मिलने पर सफाई कर्मचारी मौके पर जाते हैं तो वहां गंदगी के नाम पर इतना कुछ नहीं मिलता है। जिससे सफाई कर्मचारियों का समय, वाहनों का पेट्रोल व उनकी एनर्जी भी व्यर्थ होती है।
केस नंबर एक:
सुनारिया चौक पर नाममात्र मिट्टी होने पर किसी स्थानीय निवासी ने स्वच्छता एप पर फोटो खींच कर अपलोड कर दी। फोटो अपलोड होने के बाद स्वच्छता कंट्रोल रूम रोहतक से अधिकारियों ने मौके पर कुछ सफाई कर्मचारियों को भेजा। जहां जाने के बाद देखा कि मौके पर गंदगी नहीं थी।
केस नंबर दो:
सुभाष नगर से किसी स्थानीय निवासी ने गंदगी होने फोटो एप पर डाल दी। जिसके बाद सफाई कर्मचारी मौके पर गए। जहां जाने के बाद देखा कि यह गंदगी नाममात्र थी। यह गंदगी खुद स्थानीय निवासी भी उठा कर कूड़ादान में डाल सकते थे। लेकिन लोगों ने खुद इसकी जहमत उठाने की बजाय फोटो अपलोड की और सफाई कर्मचारियों को परेशान करने का काम किया।
स्वच्छता एप पर 228 व टोल फ्री नंबर पर आई 204 शिकायतें
2 मार्च से 26 अप्रैल तक स्वच्छता एप पर कुल 228 शिकायतें आई हैं। इसमें 22 मार्च यानि लॉकडाउन की घोषणा होने से पहले 145 शिकायतें आई थी। साथ ही टोल फ्री नंबर फ्री नंबर पर 17 मार्च से 28 अप्रैल तक कुल 204 शिकायतें आई है। जिनमें से 22 मार्च तक कुल सात शिकायतें आई थी। इन शिकायतों में ज्यादातर शिकायतें बेवजह की थी। जिसे लोग खुद अपने स्तर पर साफ कर सकते थे।
सफाई शाखा का कंट्रोल रूम बनाया हुआ है। स्वच्छता एप पर या टोल फ्री नंबर 18001805007 पर आने वाली कॉल के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को पहले एक रजिस्टर पर लिखा जाता है। इसके बाद उस क्षेत्र के आस पास कार्यरत सफाई कर्मचारियों को मौके पर भेजा जाता है। मौके पर जाने के बाद ज्यादातर केसों में वहां पर गंदगी नाममात्र ही मिलती है। लोगों से अपील है कि ऐसा न कर के, नगर निगम की टीम का सहयोग करें।
- प्रदीप कुमार, सहायक सफाई निरीक्षक