सेक्टर 2/3पार्ट्स में आठवीं कक्षा की छात्रा संस्कृति नांदल अपने गुल्क से 1011 रुपये निकालकर समाजसेव?
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कोरोना को एक दिन जरूर देश मात देगा, क्योंकि छोटे बच्चों तक में एक-दूसरे का सहयोग का जुनून है। ऐसा ही एक वाक्या रविवार को सेक्टर 2-3 पार्ट्स में सामने आया, जब समाजसेवा में जुटे वार्ड-11 के पार्षद कदम सिंह की बात सुनकर 13 वर्षीय आठवीं कक्षा की छात्रा संस्कृति कमरे से बाहर आई और गुल्लक तोड़कर 1011 रुपये सौंप दिए। संस्कृति ने कहा कि अंकल इन पैसों से भी किसी भूखे परिवार को खाना खिला देना।
पार्षद ने बताया कि वे रविवार को सेक्टर 2-3 पार्ट्स निवासी हरिश नांदल से मिलने गए थे। दोनों के बीच बातचीत चल रही थी कि कैसे खाना बनाकर जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा रहा है। मैंने हरिश से कहा कि, कई साथी मिलकर पैसे एकत्रित करते हैं। कोई राशन तो कोई दूसरा सामान लेकर भी जाता है। यह हरिश की 13 वर्षीय बेटी संस्कृति भी सुन ही थी। वह अंदर से आई। उसके हाथ में एक पॉलिथीन थी। उसके अंदर सिक्के व कुछ नोट थे। बेेेटी ने कहा कि अंकल मैं भी समाजसेवा के इस पुण्य कार्य में आपकी सहायता करना चाहती हूं। उसने सारे पैसे निकाल कर दे दिए, कहा इनसे भूखे परिवारों को खाना खिला देना। उन्होंने बताया कि इस दौरान बेटी का धन्यवाद करने के लिए एक बार तो शब्द तक नहीं मिले। जब छोटे-छोटे बच्चों में यह भावना है तो कोरोना को जरूरत मात देंगे।
एक युवक खाना देने आया तो दोस्तों ने ठान ली, हम भी बांटेंगे भोजन
सेक्टर-3 निवासी कुलदीप भारद्वाज ने बताया कि उसकी शौरी मार्केट में कपड़े की दुकान है। लॉकडाउन के दौरान वह अपने दोस्त राहुल, जितेंद्र, सागर, मानव व भविष्य के साथ बैठा था। इसी बीच एक युवक आया और एक प्रवासी को खाना देकर चला गया। खाना देखकर प्रवासी युवक के चेहरे पर खुशी देख उन्होंने भी अपने अंकल जाखड़ा के साथ मिलकर प्रवासी परिवारों को खाना खिलाएंगे। वे हर रोज 500 से ज्यादा लोगों को खाना बांटकर आते हैं। उनकी मुहिम में सुभाष, सुनील, खुशीराम, गुरुप्रीत सिंह व अन्य युवा साथी भी जुड़ गए हैं।