रोहतक। वायु गुणवत्ता आयोग के निर्देशानुसार नए साल से शहर में डीजल ऑटो रिक्शा पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। इसके बावजूद शहर में एक हजार से अधिक डीजल ऑटो रिक्शा नियमों को ताक पर रखकर फर्राटा भर रहे हैं। न इन पर कार्रवाई हो रही और न ही नियमों का पालन। हालांकि, ऑटो चालक सरकार से राहत की मांग कर रहे हैं।
शहर में धड़ल्ले से डीजल ऑटो रिक्शा चल रहे हैं जो प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे हैं। शहर में शुक्रवार को टीम ने पड़ताल की। इस दौरान दिल्ली रोड व पीजीआई जाने वाले मार्ग पर हर 11वें-12वें ऑटो रिक्शा से धुआं निकलता दिखाई दिया।
चालक प्रवीन से पूछा कि ऑटो रिक्शा डीजल का है या पेट्रोल का? प्रवीन ने बताया, डीजल से चलता है। पूछा कि ये ऑटो तो नए साल से बंद हैं। प्रवीन ने कहा कि जो ऑटो रिक्शा है वही तो चलाएंगे। हमारी आमदनी इतनी नहीं कि नया खरीदा जाए।
जब तक मौका मिल रहा है चला लेंगे, नहीं तो घर बैठ जाएंगे। वहीं, अशोका चौक के पास खड़े ऑटो रिक्शा चालक राजबीर बोले-फिलहाल ऑटो रिक्शा को इस आस पर चला रहे हैं कि शायद सरकार कुछ हल निकालेगी।
विभाग ने दावा किया था कि दिसंबर में करीब 1800 डीजल ऑटो रिक्शा में 700 ने सीएनजी और पेट्रोल में बदलवा चुके हैं। इसके बाद डीजल ऑटो रिक्शा कम करने को लेकर कोई प्रयास नहीं किए गए हैं।
प्रदूषण के चलते डीजल ऑटो रिक्शा पर लगाई थी रोक
वायु गुणवत्ता आयोग (सीएक्यूएम) ने प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली-एनसीआर में डीजल वाहनों, खासकर पुराने बीएस-चार डीजल और बीएस-थ्री पेट्रोल वाहनों पर रोक लगाई थी। आयोग ने 1 जनवरी से एग्रीगेटर्स व डिलीवरी कंपनियों के लिए भी नए डीजल-पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध लगाकर सीएनजी-इलेक्ट्रिक वाहनों को अनिवार्य किया था।
वर्जन
ऑटो रिक्शा चालक प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर डीजल से चलने वाले चिह्नित ऑटो रिक्शा को पेट्रोल या सीएनजी में बदलवाने के निर्देश दिए जा रहे हैं, उनसे बात की जा रही है।
- वीरेंद्र ढुल, सचिव आरटीओ
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हमने सरकार से मांग की है कि डीजल ऑटो रिक्शा संचालकों की कुछ ही समयावधि बची है। चालकों को थोड़ी राहत दी जाए ताकि अपना गुजारा कर सकें।
- राजेंद्र दहिया, प्रधान, रोहतक ऑटो एवं ई रिक्शा चालक कल्याण समिति
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जिन ऑटो रिक्शा संचालन की समयावधि बची हुई है, सरकार व प्रशासन उन्हें चलने दें। अगर कोई समयावधि के बाद भी चल रहा है तो प्रशासन व सरकार अवश्य चेकिंग करें और कार्रवाई करें।
- बिट्टू पालीवाल, उप प्रधान, ऑटो एवं ई रिक्शा चालक कल्याण समिति
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ऑटो रिक्शा चालकों की आर्थिक स्थिति पहले ही खराब है। चालक तुरंत नया ऑटो रिक्शा या डीजल से सीएनजी में रूपांतरण नहीं करवा सकता है। मैंने भी मजबूरी में डीजल ऑटो रिक्शा बेचकर सीएनजी का खरीदा है।
- सुरेश शर्मा, ऑटो चालक, घिलौड़
02...रोहतक के दिल्ली रोड पर चलते ऑटो से निकलता धुआं। संवाद
02...रोहतक के दिल्ली रोड पर चलते ऑटो से निकलता धुआं। संवाद
02...रोहतक के दिल्ली रोड पर चलते ऑटो से निकलता धुआं। संवाद
02...रोहतक के दिल्ली रोड पर चलते ऑटो से निकलता धुआं। संवाद