संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व सीजेएम अमित वर्मा ने नशा मुक्ति केंद्र रेवाड़ी का निरीक्षण किया। उन्होंने नशा मुक्ति केंद्र के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रोगियों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया और विधिक सेवा की जानकारी दी।
नशा मुक्ति केंद्र में प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर व वोकेशनल काउंसलर जोगिंदर सिंह ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र में 8 रोगी उपस्थित हैं। काउंसलर संदीपा ने बताया कि रोगियों की समय काउंसिलिंग की जाती है और उन्हें नशा छोड़ने के प्रति जागरूक किया जाता है।
सीजेएम अमित वर्मा ने कानूनी सहायता और उनकी सेवाओं के बारे में जानकारी दी। कहा कि जरूरतमंद को कानून की सहायता का लाभ उठाना चाहिए।
कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के लिए निशुल्क कानूनी सेवाओं की पेशकश करना व साथ में उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने का प्रयास करता है।
इस दौरान वर्मा ने सभी को नशा न करने के बारे में प्रेरित किया तथा उससे होने वाले नुकसान के बारे में उनको अवगत करवाया।
उन्होंने बताया कि लीगल एड द्वारा सीनियर सिटीजन, महिलाएं, बच्चों, अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों व तीन लाख से कम वार्षिक आय वाले सभी व्यक्तियों को निशुल्क में कानूनी सहायता दी जाती है।
कोई भी जन कानूनी सहायता के लिए उप मंडल विधिक सेवा समिति या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में संपर्क कर सकता है।