रेवाड़ी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व सीजेएम अमित वर्मा ने वन स्टॉप सेंटर का औचक निरीक्षण कर वहां के कार्यों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान सखी केंद्र में इंचार्ज ललिता कालरा मौजूद थीं। उन्होंने बताया कि वन स्टॉप सेंटर में काउंसिलिंग की जाती है और पीड़ित की हर संभव मदद की जाती है। इस दौरान उन्होंने उपस्थित स्टाफ से मुलाकात की तथा उनके अपने कार्य को जिम्मेदारी से करने को कहा। सीजेएम अमित वर्मा ने बताया कि कानूनी सहायता और उनकी सेवाओं के बारे में सभी को जागरूक किया जाए ताकि कानून की सहायता का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को सहायता और समर्थन प्रदान करने के लिए कार्यरत है।
विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के लिए निशुल्क कानूनी सेवाओं की पेशकश करना व साथ में उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने का प्रयास करता है। उन्होंने बताया कि लीगल एड द्वारा सीनियर सिटीजन, महिलाएं, बच्चों, अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगों व तीन लाख से कम वार्षिक आय वाले सभी व्यक्तियों को निशुल्क में कानूनी सहायता दी जाती है और कोई भी व्यक्ति कानूनी सहायता के लिए उप मंडल विधिक सेवा समिति बावल, कोसली या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी के कार्यालय एडीआर सेंटर में संपर्क कर सकता है। इस मौके पर उन्होंने नालसा हेल्पलाइन 15100 के बारे में भी बताया।