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Rohtak News: सिविल अस्पताल की रेडियोलॉजिस्ट अवकाश पर, अल्ट्रासाउंड बंद हाेने से मरीज परेशान

Wed, 08 Jul 2026 06:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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23- शहर के सिविल अस्पताल में इलाज के इंतजार में बैठे लोग। संवाद
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रोहतक। सिविल अस्पताल में अगले एक माह अल्ट्रासाउंड जांच बंद रहेंगी। रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश पर होने के चलते मरीजों की मुश्किलें बढ़ेंगी। मरीजों को अब अल्ट्रासाउंड जांच निजी जांच सेंटरों पर दो से तीन हजार रुपये में करवानी पड़ रही है।
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सिविल अस्पताल में एक ही रेडियोलॉजिस्ट हैं। वे स्वास्थ्य कारणों से अवकाश पर चली गईं। इसके चलते अब अल्ट्रासाउंड जांच पूरी तरह बंद हो गई है। यह समस्या करीब दो साल से चल रही है। स्थाई रेडियोलॉजिस्ट की कमी के चलते सप्ताह में केवल दो दिन ही अल्ट्रासाउंड जांच की जाती थी।
अब एक माह गर्भवती महिलाओं, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और अन्य जरूरतमंदों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ेगी। मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है।
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इसके अलावा न तो किसी दूसरे सरकारी अस्पताल में रेफर करने की स्पष्ट व्यवस्था है और न ही अस्थायी तौर पर किसी विशेषज्ञ डॉक्टर की नियुक्ति की गई है। ऐसे में रोजाना आने वाले मरीज निराश होकर लौट रहे हैं।

मुझे अपनी पुत्रवधू का अल्ट्रासाउंड करवाना था लेकिन डॉक्टर की छुट्टी के कारण बाहर से 3000 रुपये में करवाना पड़ा।
- बिमला, परिजन

यहां जब भी आते हैं उसी समय डॉक्टर छुट्टी पर होते हैं। पहले भी तीन बार अल्ट्रासाउंड बाहर से करवाया है। अब फिर से एक महीने के लिए अल्ट्रासाउंड बंद कर दिए हैं।
- नीरज, परिजन

तीन दिन पहले भी 1200 रुपये का बाहर से अल्ट्रासाउंड करवाया था लेकिन डॉक्टरों ने उसे माना नहीं। आज फिर से डॉक्टरों ने डिजिटल करवाने के लिए बोला तो बाहर से अल्ट्रासाउंड 1700 रुपये का हुआ है।
- गीता
हर बार बाहर से ही अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ते हैं। तीन दिन पहले पत्नी का अल्ट्रासाउंड बाहर से 2500 रुपये का करवाया था। अगर कोई डॉक्टर छुट्टी पर गया है तो वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए।
- भाग चंद, परिजन

रेडियोलॉजिस्ट एक महीने के लिए स्वास्थ्य कारणों से छुट्टी पर हैं। जिले में एक ही रेडियोलॉजिस्ट है। इसलिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है। गंभीर मरीजों को पीजीआई रेफर किया जा रहा है। सिविल सर्जन से रेडियोलॉजिस्ट की मांग की जाएगी।
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- डॉ. मधुलिका, पीएमओ, सिविल अस्पताल
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