रोहतक। चिकित्सा अधिकारियों के हड़ताल पर जाने के कारण सोमवार को नागरिक अस्पताल में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अपनी मांगों को लेकर हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएसए) की तरफ से हड़ताल की जा सकती है।
हालांकि, प्रशासन की तरफ से ऐसे में स्थिति से निपटने के लिए बैकअप के तौर पर मेडिकल कॉलेज, ईएसआई, एनएचएम व आयुष के चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। नागरिक अस्पताल में 70 चिकित्सक अधिकारी हैं। इनके न होने पर मरीजों को परेशानी बढ़ सकती है।
हाल ही में चंडीगढ़ में हुई स्टेट एक्शन कमेटी की बैठक में सदस्यों ने सरकार के प्रति असंतोष प्रकट किया था। इसके तहत ही कमेटी ने सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई न होने पर 8 व 9 दिसंबर को हड़ताल करने की चेतावनी दी थी।
इस दौरान बाह्य रोगी कक्ष, आपातकालीन सेवा, प्रसूति कक्ष, शल्य कक्ष और मृतक परीक्षण जैसी आवश्यक चिकित्सा सेवाएं बंद रखने का फैसला लिया था। कमेटी ने स्पष्ट किया था कि 10 दिसंबर से अनिश्चितकालीन बंदी भी की जा सकती है।
ये हैं मांगेें
पिछले वर्ष लिखित आश्वासन मिला था कि भविष्य में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी एसएमओ की सीधी भर्ती नहीं की जाएगी। सभी पदों को पदोन्नति से भरा जाएगा। इसके साथ सेवा नियमों में संशोधन का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद अभी तक 644 पदों में से 200 पद खाली हैं। इनमें अधिकतर संशोधन न होने की वजह से खाली है।
बैकअप के लिए मेडिकल कॉलेज, ईएसआई, एनएचएम व आयुष के चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। चिकित्सक सेवाएं बिना बाधा के चलती रहेंगी। -डॉ. रमेश चंद्र आर्य, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग।