संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल का भवन जर्जर हो गया है। बारिश के चलते भवन की दीवारों में दरारें आ गई हैं। प्लास्टर छूट कर गिर रहा है। ऐसे में स्वास्थ्यकर्मियों ने हादसे की आशंका जताई है।
अस्पताल भवन की मरम्मत के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक करोड़ रुपये का एस्टीमेट बनाकर निदेशालय को भेजा है। यदि बिल्डिंग के मरम्मत का कार्य शुरू नहीं होता है तो बड़ा हादसा हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि कायाकल्प के लिए जल्द ही मंजूरी मिलने की संभावना है। वर्ष 2018 में अतिरिक्त ब्लॉक को स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया था, लेकिन वर्तमान में जर्जर हुई बिल्डिंग दशकों पुरानी लगती है। भवन में कई जगह लेंटर उखड़ा है। लेंटर से सरिया बाहर निकले हुए हैं। खिड़कियों के शीशे भी कई बार गिर चुके हैं। दरवाजों की हालत खराब है। दीवारों का प्लास्टर गिरता रहता है। इसी ब्लॉक में ज्यादातर ओपीडी चलती है। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
पीएमओ की ओर से पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखकर रखरखाव के लिए सर्वे कर बजट तैयार करने की बात कही थी। इस लेकर पीडब्ल्यूडी की टीम ने दौरा किया था। इसमें संरचनात्मक नुकसान पाया गया। अब अस्पताल की ओर से फिर से रिमाइंडर भेजकर सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी करने के लिए लिखा गया है। ये भी कहा कि अगर बिल्डिंग सुरक्षित है तो सर्टिफिकेट देने और रखरखाव का एस्टीमेट बनाकर निदेशालय भेजा गया है।
निर्माण की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
भवन निर्माण के समय भी सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए थे। इस भवन का निर्माण 2016 में पूरा हुआ था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को हस्तानांतरण 2018 में किया गया था। मात्र 5 साल में यह बिल्डिंग कंडम जैसी लगती है। जगह-जगह से प्लास्टर गिर चुका है। बारिश के समय सर्जिकल वार्ड में पानी टपकता रहता है। ऐसे में अतिरिक्त ब्लॉक में ही ज्यादातर ओपीडी चलती है। इनमें सर्जन, आंखों, मेडिसिन, चर्म रोग, ईएनटी व मनोरोग की ओपीडी शामिल हैं। लैब भी इसी बिल्डिंग में है। ऐसे में दिनभर इस ब्लॉक में भीड़ रहती है।
वर्जन:
नागरिक अस्पताल के अतिरिक्त ब्लॉक के व्यवस्था की बड़ी जरूरत है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने एक करोड़ रुपये का एस्टीमेट बजट तैयार कर निदेशालय भेजा है। एस्टीमेट की मंजूरी मिलने पर मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा। - धर्मेंद्र कुमार, एसएमओ, नागरिक अस्पताल।