संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। नगर निगम के 635 सफाई कर्मचारियों की 12 दिन से जारी हड़ताल के चलते शहर की सड़कें कचरे के डंपिंग पॉइंट बन गई हैं। शहर की सड़कों पर 500 टन कूड़ा पड़ा है। कूड़े से उठ रही दुर्गंध स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रही है।
केवल सड़कें व गलियां ही नहीं बल्कि जिला विकास भवन व लघु सचिवालय के बाहर भी कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। शहर की कोई सड़क ऐसी नहीं जहां गंदगी न फैली हो। शहर के व्यस्ततम चौराहों और बाजारों की सड़कों पर भी कचरे से रास्ता ढका रहने लगा है। लावारिस पशु कचरे में मुंह मारते हैं। नगर निगम, प्रशासन व सरकार की आमजन की कोई फिक्र नहीं है।
सफाई कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर किया प्रदर्शन
सोमवार को नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की रोहतक इकाई ने नगर निगम कार्यालय से भिवानी स्टैंड तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और जमकर नारेबाजी भी की। संघ की इकाई के प्रधान शंभू टांक ने कहा कि सरकार ने 13 मई को हुई वार्ता में पुरानी मांगों पर सहमति जताई थी लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। कर्मचारियों की काम छोड़ हड़ताल 18 अगस्त तक बढ़ाई गई है। अब तक सरकार की ओर से मांग पूरी न करने पर संघ ने सांसद, विधायकों, मेयर व पार्षदों से समर्थन मांगना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में सोमवार को मेयर कार्यालय जाकर उनके नाम से ज्ञापन सौंपा।
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सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद नगर निगम की ओर से रात के समय कचरे का उठान कराया जा रहा है ताकि शहरवासियों को सड़कों पर गंदगी से परेशान न होना पड़े।
- सत्येंद्र दुहन, नगर निगम आयुक्त, रोहतक