रोहतक। साहब! नाम तो है पब्लिक हेल्थ विभाग। मगर हकीकत में विभाग के अधिकारियों को पब्लिक की हेल्थ की चिंता नहीं। यानी शनिवार व रविवार की छुट्टी है, तो जनता की दिक्कत कोई मायने नहीं रखती। विभाग में दफ्तर का ही नहीं फील्ड का काम भी ढिलाई से चलता है। यही वजह है कि सिटी मजिस्ट्रेट का आदेश तीन दिन में 300 मीटर चलकर एक्सईएन कार्यालय से एसडीओ कार्यालय तक नहीं पहुंचा। सिटी मजिस्ट्रेट ने बुधवार को ओमैक्स सिटी के पानी के सैंपल लेने के आदेश जारी किए थे। लेकिन इसके बाद भी कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। इस बारे में विभाग के एक्सईएन दिन में तीन बार कह चुके कि टीम भेज रहे हैं। वहीं एसडीओ से शाम साढ़े चार बजे बात करने पर हकीकत सामने आई तो उन्हें इन आदेशों की जानकारी तक नहीं है।
याद रहे कि 30 लाख रुपये बिल का भुगतान नहीं होने बिजली विभाग ने ओमैक्स सिटी का कनेक्शन काट दिया गया था। इसके बाद कॉलोनी वासियों ने उपायक्त से लेकर बिजली मंत्री तक शिकायत करते हुए बताया कि वह मेंटेनेंस करने वाली कंपनी को हर माह बिल का भुगतान कर रहे हैं। इस पर करीब नौ घंटे बाद बिजली सप्लाई बहाल हो सकी। इसके बाद वहां रहने वाले लोगों ने उपायुक्त को लिखित में शिकायत की। आरोप लगाया कि मकान बेचते समय ओमैक्स कंपनी ने लिखित में सुविधाएं देने का वादा किया था मगर वे आज तक मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। इस पर उपायुक्त ने सिटी मजिस्ट्रेट महेश कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित ओमैक्स सिटी भेजी और तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए।
इस पर बुधवार को नगर निगम से एसटीपी केके वार्ष्णेय व टाउन ऐंड कंट्री प्लान एसटीपी नरेंद्र सोलंकी सिटी मजिस्ट्रेट के साथ मौके का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान पब्लिक हेल्थ विभाग को निर्देश दिए कि वह ओमैक्स सिटी में जाकर जगह-जगह पानी के सैंपल लेकर जांच रिपोर्ट देंगे। इस पर पब्लिक हेल्थ के एक्सईएन भानु प्रकाश का कहना था कि शुक्रवार को हर हालत में टीम सैंपल लेकर जांच करने भेजा जाएगा मगर टीम नहीं गई। सोमवार को तीन बार बात करने पर एक्सईएन ने बताया कि एसडीओ के साथ कैमिस्ट को भी भेजेंगे। शाम 4:26 बजे एक्सईएन ने कहा कि वह उप मुख्यमंत्री का दौरा होने की वजह से महम हैं, टीम से पता करता हूं कि सैंपल भरे अथवा नहीं।
इस पर अमर उजाला के संवाददाता ने एसडीओ नवीन कुमार से शाम 4 बजकर 35 मिनट पर बात की तो उन्होंने बताया कि ओमैक्स सिटी से सैंपल भरने का को पत्र उन्हें नहीं मिला है। हां कुछ मिनट पहले ही एक्सईएन का फोन आया था, तब उन्होंने सैंपल लेने के लिए कहा है।