रोहतक। सिटी बस सेवा पहले दिन कामयाब रही। चार बसों ने दिनभर में 40 फेरे लगाए। इसमें 2560 यात्रियों ने सफर किया। इससे रोडवेज को 25,500 रुपये की आय हुई। बस स्टैंड से शीला बाईपास होते हुए पीजीआई व सुखपुरा चौक, गोहाना अड्डा, सुभाष रोड से होते हुए बसें पीजीआई पहुंचीं।
सरकार की घोषणा पर यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए रोडवेज ने दो रूटों पर चार सिटी बसों का संचालन शुरू कर दिया है। यह सुविधा यात्रियों को खूब रास आ रही है। पहले दिन सुबह 6 से रात 10 बजे तक बस स्टैंड से पीजीआई के लिए बसें चलीं। एक बस ने दिनभर में करीब 10 फेरे लगाए। इससे न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधा का लाभ मिला, बल्कि रोडवेज को भी आर्थिक लाभ हुआ। पहले ही दिन सभी बसें पैक होकर चलीं। वहीं, बस के अंदर बैठे यात्रियों में भी उत्साह देखने को मिला। संवाद
फर्स्ट एड बॉक्स के साथ आरामदायक सीट
सिटी बस में यात्रियों के लिए आरामदायक सीटें लगाई गई हैं। वहीं, फर्स्ट एड बॉक्स भी है। बसें निर्धारित रूटों तय स्टॉप पर रुकीं। इससे यात्रियों को सफर करने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। पहले दिन सिटी बस का अनुभव यात्रियों का काफी अच्छा रहा।
सिटी बस सेवा शुरू होने से किराए में काफी हद तक राहत मिली है। ऑटो में कहीं भी जाएं 20 रुपये किराया देना पड़ता है, जबकि बस में मात्र 10 रुपये ही किराया लिया जाता है। ऑटो से जाने पर दुर्घटना होने का अंदेशा अधिक रहता है, क्योंकि ऑटो चालक कहीं भी कट मारने में घबराते नहीं है। लेकिन, सफर का सफर सुरक्षित है।
- निशा रानी, यात्री
बस स्टैंड से पीजीआई तक शुरू की गई सिटी बस सेवा अच्छी पहल है। पहले से निगम की कुछ बसें चल रही हैं, जिनमें भीड़ हो जाती थी। अब रोडवेज की नई बसें चली हैं। इससे भीड़ भी कम होगी और सुविधा भी बेहतर मिलेगी। बाहरी लोगों को पीजीआई पहुंचना आसान होगा।
- बबीता, यात्री
बस स्टैंड से कॉलेज तक जाने के लिए ऑटो में धक्के खाने पड़ते थे, लेकिन अब सिटी बस सेवा शुरू हुई है। जो विद्यार्थियों के लिए सुविधाजनक है। अब 10 रुपये में बस स्टैंड से कॉलेज तक पहुंच जाएंगे। इससे अच्छा और क्या हो सकता है। बस स्टैंड से कॉलेज तक आराम से बिना किसी डर के पहुंच जाएंगे।
- मीनू, विद्यार्थी
सिटी बस चलाने की दरकार काफी समय से थी। बस स्टैंड से कॉलेज तक जाना मुश्किल हो रहा था। ऑटो चालक भी मनमर्जी के रूट पर चलते थे और ऑटो का सफर भी सुरक्षित नहीं है। बस सेवा शुरू होने से किराया भी कम लगेगा और सुरक्षित कॉलेज में पहुंच जाएंगे। हर आधे घंटे में बस सेवा की बात बताई जा रही है, जो विद्यार्थियों के लिए अच्छा है।
- अंशु विद्यार्थी
सिटी बसों से यात्रियों को पहले दिन बेहतर सुविधा मिली। यात्रियों की मांग पर ही सिटी बसों का संचालन शुरू किया गया है। जो रूट निर्धारित किए गए हैं उनके परमिट रोडवेज के पास हैं। यात्रियों को बेहतर सुविधा देना ही रोडवेज का उद्देश्य है। जहां तक डीजल बसों का सवाल है, जो बस उपलब्ध हैं, वहीं चलाएंगे। जब बिजली से चलने वाली बसें आएंगी, उनको चला दिया जाएगा।
भारत भूषण गोगिया, महाप्रबंधक, रोहतक डिपो
उधर, निगम ठेकेदार बोला- बिना परमिट डीजल की बस चला रहा रोडवेज
रोहतक। नगर निगम की तरफ से शहर में सीएनजी युक्त 20 बसें चलाने का ठेका दिया गया था। ठेकेदार अभी पांच बसें चला रहा है। रोडवेज की सिटी बस सेवा शुरू होने पर ठेकेदार मुकेश शर्मा का कहना है कि रोडवेज धक्केशाही से सिटी बसों को संचालन कर रहा है। जबकि, रोडवेज द्वारा जो रूट तय किए गए हैं उनके परमिट नहीं हैं। वह निगम को परमिट के लिए 20 हजार रुपये देते हैं। जब रोडवेज की सिटी बस ही चलनी है तो उनसे परमिट के नाम पर पैसे क्यों लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निगम एक तरफ तो प्रदूषण रहित बसें चलाने का दबाव बना रहा है, जिसके लिए उन्हें सीएनजी बस चलाने के निर्देश दिए हैं, जबकि रोडवेज की बस डीजल से चल रही हैं। इनसे प्रदूषण अधिक होगा। रोडवेज की बस बंद होनी चाहिए। क्योंकि इससे उन्हें नुकसान हो रहा है। निगम आयुक्त व मेयर को पत्र देकर इसका विरोध किया जाएगा।
शहरी निकाय खुद चलाएगा इलेक्ट्रिक बसें
ठेकेदार को 20 बसें चलाने का ठेका दिया गया था, लेकिन ठेकेदार नियम तोड़कर केवल पांच बसें चला रहा है। सरकार ने लोगों को सुविधा देने के लिए रोडवेज बसें चलाई हैं। अब शहरी निकाय विभाग भी इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी कर रहा है।
मनमोहन गोयल, मेयर नगर निगम