प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्र पीजीआईएमएस में बुधवार को बड़ा हादसा हो सकता था। यहां सुबह करीब साढ़े आठ बजे जलघर पर पानी साफ करने में इस्तेमाल होने वाली क्लोरीन गैस लीक हो गई। इससे पास में जे-14 क्वार्टरों में रहने वाले 70 परिवारों की जान खतरे में आ गई। इन परिवारों के ज्यादातर लोगों को सुबह सांस लेने में तकलीफ के साथ खांसी व उल्टियां हुई तो गैस लीक का पता चला। जलघर में ड्यूटी पर तैनात एक कर्मचारी की हालत नाजुक बनी हुई है। वह एमरजेंसी में उपचाराधीन है।
पीजीआई के जे-14 क्वार्टरों के कर्मचारियों ने बताया कि बुधवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे अचानक तबियत बिगड़ने लगी। किसी का दम घुटने लगा, किसी को सांस लेने में दिक्कत हुई। कुछ को खांसी तो कुछ को उल्टियां होने लगी। कुछ समझ नहीं आया। सामने जलघर के पास के पेड़ों के चारों ओर अजीब सा नजर आया। खुद को बचाने के लिए मास्क लगाए और जलघर की ओर गए तो वहां के पेड़ पौधों की पत्तियां झुलसी मिली। जलघर में पहुंचे तो गैस लीक होने का पता लगा। इस दौरान कर्मचारी बलवंत बेसुध पड़ा मिला। इस बारे में सूचना अधिकारियों को दी गई। इसके बाद गैस का रिसाव रोका गया और बेसुध कर्मचारी को पीजीआई में भर्ती कराया।
पीजीआई में पेयजल सप्लाई के लिए जलघर है। यहां पानी साफ करने के लिए क्लोरीन गैस का इस्तेमाल होता है। गैस खत्म होने के कारण सिलिंडर खोल रहे थे। इस दौरान पाइप में पड़ी गैस निकल गई। सिलिंडर हटाते समय निकली गैस से किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
कीर्ति प्रसाद, एसडीओ, पब्लिक हेल्थ, पीजीआई।