रोहतक। पीजीआई में पानी की कमी के कारण सेंट्रलाइज एसी के चिलिंग प्लांट बंद पड़े हैं। गर्मी से मरीजों व उनके परिजनों का बुरा हाल है। ओपीडी में आए मरीजों को मंगलवार को दूसरे दिन भी पसीने से तरबतर होना पड़ा। इधर, पीजीआई के जलघर का टैंक भी नहरी पानी के इंतजार में लगभग सूख चला है।
पीजीआई में पिछले कुछ दिनों से पेयजल का भारी संकट गहराता जा रहा है। जलापूर्ति बाधित होने से चिलिंग प्लांट पूरी तरह ठप हो गए हैं। तीमारदार पंखे और कागज से हवा कर मरीजों को राहत देने की कोशिश करते नजर आए।
ओपीडी में भी हालात खराब रहे। सुबह से ही मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। एसी बंद होने से घुटन से मरीजों का बुरा हाल रहा। मरीज गर्मी से बेहाल होकर फर्श पर ही बैठ गए।
मंगलवार को पीजीआई प्रशासन ने ओपीडी के वाटर कूलर में पानी भरवा कर मरीजों को राहत पहुंचाने का काम किया। इससे पीने के पानी की समस्या कुछ हल हुई। पीजीआई को जलापूर्ति के लिए जन स्वास्थ्य विभाग के टैंकरों का सहारा लेना पड़ा।
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वार्ड-3 में पानी की उपलब्ध है लेकिन पानी ठंडा नहीं है। मरीजों व परिजनों को पीजीआई की व्यवस्थाओं को देखते हुए अपनी बोतलें लानी पड़ रही हैे।
- शमशेर, जींद
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पीजीआई में रिश्तेदारों से मिलने के आया था। यहां देखा कि किसी वाटर कूलर में पानी पानी गर्म मिल रहा है।
- सतीश, गोहना
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गर्मी में पानी की मांग मुख्य है। पीजीआई जैसे बड़े संस्थान में पानी की किल्लत उत्पन्न मरीजों व परिजनों के लिए आफत है। हालांकि, मंगलवार को हालत सामान्य रहे।
- देवी, खटकड़
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पीजीआई में मंगलवार को वार्डों में परिजनों की जानकारी लेने पहुंचते थे तो पता चला कि सोमवार को पानी नहीं था लेकिन मंगलवार को सब ठीक कर दिया गया।
- सुरेश, जींद