राष्ट्रीय युवा महोत्सव की दूसरी स्टार नाइट में हास्य कवियों के निशाने पर नेता रहे। शीत लहर के कारण सर्द हुई रात में खूब चले हास्य व्यंग्य के गर्म तीर। कवियों ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह से लेकर पीएम मोदी तक पर जमकर ली चुटकी। बाबा रामदेव, लालू प्रसाद यादव और अरविंद केजरीवाल को भी कवियों ने कविता में लपेटा।
पद्मश्री हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा समेत अन्य कवियों ने अपने चुटकुलों से जहां श्रोताओं को गुदगुदाया, वहीं साहित्यकार डॉ. सीता सागर ने अपनी रचना से शहीदों को भावपूर्ण नमन किया। करीब तीन घंटे तक चले हास्य कवि सम्मेलन में भारतीय संस्कृति से लेकर युवाओं को देशप्रेम तक का संदेश दिया गया। वहीं एक कवि की योग गुरु बाबा रामदेव और बसपा नेता मायावती पर की कही कविता विवादित भी हो गई। इसे लेकर एक संगठन ने केस दर्ज कराने की बात कही है।
इससे अच्छे दिन क्या आएंगे लालू जी, 9वीं फेल बेटा डिप्टी सीएम बन गया...
एमडीयू के खेल परिसर में शनिवार शाम सात बजे हास्य कवि सम्मेलन का आगाज हुआ। कार्यक्रम की शुरूआत कवि राजकुमार धनखड़ ने की। उन्होंने हरियाणा के लोगों की तुक्केबाजी पर कई चुटकुले सुनाकर दर्शकों को लोटपोट कर दिया। जोगेंद्र शर्मा ने अनूठे अंदाज में दर्शकों को गुदगुदाया। दिल्ली से आए कवि दीपक सैनी ने अरविंद केजरीवाल को निशाने पर लिया। कहा कि दिल्ली में फिलहाल सबसे बड़ी टेंशन है, जो हरियाणा ने दिल्ली को दी है।
उन्होंने केजरीवाल की मिमिक्री करते हुए कहा कि केजरीवाल कहते हैं कि दिल्ली पुलिस मुझे दे दो कर दूंगा.. लेकिन जनाब दिल्ली पुलिस कह रही है कि एक दिन के लिए आप उन्हें दे दो? उन्होंने कहा कि दिल्ली के सीएम तो हर जगह विज्ञापनों में ही दिखाई देते हैं, भले ही वह विज्ञापन कुछ भी हो। इसके बाद उन्होंने लालू प्रसाद यादव पर तंज कसा। कहा कि लालू यादव प्रधानमंत्री से पूछते हैं कि अच्छे दिन कब आएंगे, अरे जनाब इससे अच्छे दिन कब होंगे जब आपका 9वीं फेल बेटा उपमुख्यमंत्री है।
उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह, लालकृष्ण आडवाणी, मुलायम सिंह, बाबा रामदेव और नवजोत सिंह सिद्धु की भी मिमिक्री करके दर्शकों को हंसाया। मोदी के नोटबंदी के 50 दिन और पाकिस्तान में हुई सर्जिकल स्ट्राइक पर भी तंज कसे।
50 दिन मोदी ने ले लिए, बाकी 316 दिन के साथ सभी को नया साल मुबारक
लॉफ्टर चैंपियन ख्याली ने स्टेज पर आते ही समां बांध दिया। सिंह इज किंग फिल्म में अपनी अदाकारी का जलवा दिखा चुके ख्याली ने नेताओं की खूब खबर ली। मजाकिया अंदाज में कहा कि देशवासियों को सबसे छोटा साल मुबारक हो, क्योंकि इस साल के 50 दिन तो मोदी ने ले लिए थे।
बचे 316 दिन वह सभी को मुबारक हो। कैशलेस को केसलेस की संज्ञा देते हुए कहा कि मोदी जी कैशलेस इसलिए किया कि उनके आसपास अमित शाह, राजनाथ सिंह, अरुण जेटली और लालकृष्ण आडवाणी आदि नेता केसलेस हैं। यूपी चुनाव से लेकर बाबा रामदेव के महिला सूट पहनकर भागने के वाकये सुनाए। उन्होंने हर चुटकले के माध्यम से धर्म, जाति-बिरादरी और अमीर-गरीब के फर्क को दूर करने और मां के प्रेम का संदेश भी दिया।
हाथ क्या चीज है सर कटाकर गए...
हंसी-मजाक के तड़के के बीच साहित्यकार डॉ. सीता सागर माइक पर पहुंचीं। उन्होंने अपनी रचना अजनबी राह पर चली आई सबने रोका मगर चली आई... से आगाज किया। इसके बाद शहीदों को समर्पित रचना सुनाई। भाई की शहादत के बाद बहन कहती है लाज राखी की भैया निभाकर गए, हाथ क्या चीज है सर कटाकर गए... पति की शहादत पर पत्नी कहती है जिस जगह पर उनका लहू था गिरा अब वही मांग का मेरी सिंदूर है..। पिता कहते हैं वीर का बाप होना बड़ी बात है, इससे बढ़कर भला कौन सा सम्मान है। मेरा बेटा है कल लोग जानते थे, बापू उसका हूं अब मेरी पहचान है..। मां कहती है जो सदा ही मेरे पांव छूता रहा उसके चरणों में मेरा झुका शीश है.. सुनाकर माहौल को भावपूर्ण कर दिया।
अब के प्रधानमंत्री चुप ही नहीं रहते..
सरदार प्रताप फौजदार ने अपनी कटीले अंदाज में दर्शकों को बांधे रखा। उन्होंने कहा कि पहले प्रधानमंत्री ऐसे थे जो 10 साल रहे, लेकिन उन्होंने अहसास नहीं होने दिया कि वह प्रधानमंत्री हैं और अब के प्रधानमंत्री चुप ही नहीं रहते। राहुल गांधी पर कहा कि वह यूपी चुनाव को लेकर खाट पर चर्चा करते हैं और संसद में जाकर सोते हैं। दो हजार के नोट पर कहा कि जैसा मोदी का दमदार व्यक्तिव है, उसके हिसाब से दो हजार का नोट नहीं है। यह तो चूरन वाले नोट के समान लगता है। अब तो डर है कि कहीं 1 जनवरी 2019 को यह घोषणा न कर दें कि अब देश में चुनाव ही नहीं होंगे।
शोषित पतियों का अंबेडकर हूं मैं
आखिर में हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा ने मंच संभाला। उन्होंने आते ही चुटकुले सुनाकर अभिभावकों को संदेश दिया कि बच्चों के बचपन को न कुचलें तो देशप्रेम का भी संदेश दिया। कहा कि मुझे तो लोग पतियों का अंबेडकर कहते हैं, जो दबे-कुचले शोषित पतियों की आवाज उठाता हूं। उन्होंने चुटकुले के माध्यम से समाज सुधार के लिए भी प्रेरित किया। निदेशक युवा कल्याण डॉ. जगबीर राठी ने मंच संचालन करते हुए दर्शकों को गुदगुदाया।
कड़ाके की ठंड और खुले आसमान के नीचे डटे रहे श्रोता
हास्य कवि सम्मेलन के दौरान एमडीयू खेल परिसर का अलग ही माहौल रहा। कड़ाके की ठंड और खुले आसमान के नीचे न केवल युवा, बल्कि बुजुर्ग और महिलाएं भी पीछे नहीं रहे। सभी ने कवि सम्मेलन का लुप्त उठाया। कवियों ने अपनी कविताओं, व्यंग और चुटकुलों के माध्यम से श्रोता को कुर्सी से नहीं उठने दिया। तालियों की गड़गड़ाहट से वातावरण गूंजता रहा।
रोक दी एंट्री, परेशान हुए लोग
कवि सम्मेलन में सीट पूरी होने के चलते पुलिस-प्रशासन ने बाहर से आने वाले लोगों की एंट्री रोक दी। यहां तक कि जिन लोगों को पास जारी किए गए थे, उन्हें भी अंदर नहीं आने दिया। इस कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।