फोटो 71: कान्हा की वेशभूषा में नन्हा बालक।
बादली। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव ग्रामीण क्षेत्र में धूमधाम के साथ मनाया गया। मंदिरों में जल चढ़ाकर पूजा अर्चना की गई। रंग-बिरंगी पोशाकों, आभूषणों, प्रतिमाओं और खिलौनों से बाजार गुलजार रहा। अंगरखा, मोरपंख वाले मुकुट ही नहीं मसनद वाले पालने ने भी मन मोह लिया। कान्हा के लिए मच्छरदानी और कूलर भी इस बार बाजारों में सजाए गए हैं।
बाजार में कान्हा के पालने, आकर्षक पोशाकें, तरह-तरह के रत्नजड़ित मुकुट हर किसी का ध्यान खींचते रहे। इस बार भी लड्डू गोपाल की प्रतिमाएं, पोशाकें खूब सजाई गई हैं। घरों और मंदिरों में कान्हा के जन्मोत्सव पर विविध आयोजन किए गए। ग्रामीण युवाओं ने झांकियां निकाली। लोगों ने अपने नन्हें मुन्ने बच्चों को कान्हा के रूप में सजाया जो आकर्षण का केंद्र रहे।