15सीटीके39...पीजीआई में भर्ती तीन साल के मासूम का जीवन बचाने वाली टीम जिसमें विभाग के डॉ. संदीप
रोहतक। होली के दिन छत से लोहे के दरवाजे पर गिरकर घायल हुए तीन वर्षीय मयंक को पीजीआई के चिकित्सकों ने नया जीवन दिया है। सांस नली में आई गहरी चोट की वजह से उसके सीने में हवा भर गई थी। जटिल ऑपरेशन व दो महीने तक चले उपचार के बाद इस बच्चे को पीजीआई से छुट्टी मिल गई है।
कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने चिकित्सकों की सराहना करते हुए कहा कि 14 मार्च को यह बच्चा गंभीर हालत में पीजीआई लाया गया था। इसकी हालत बेहद नाजुक थी। इसे पूरी तरह ठीक होने में दो माह लगे हैं। इस दौरान चिकित्सकों ने पूरी शिद्दत से उसका इलाज किया।
पीजीआई के निदेशक डॉ. एसके सिंघल ने कहा कि यह टीम वर्क की शानदार मिसाल है। सभी संबंधित चिकित्सकों ने मिलकर मरीज हित को ध्यान में रखा और उसका जीवन बचाया।
इसमें कार्डियक सर्जरी विभाग, कार्डियक एनेस्थीसिया, निश्चेतन विभाग, पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर, पीडियाट्रिक मेडिसिन विभाग और फिजियोथेरेपी विभाग ने सराहनीय कार्य किया है।