रोहतक। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते व खुफिया विभाग की टीम ने शुक्रवार सुबह नगर निगम की सफाई ब्रांच में न केवल छापा डाला, बल्कि तीन घंटे तक फील्ड में जाकर कर्मचारियों की हाजिरी जांची। जांच में पता चला कि 212 पक्के व 456 ठेकेदार के कर्मचारी हैं। निगम सफाई का ठेका छह साल से रिन्यू कर रहा है, लेकिन उसमें कर्मचारियों की हाजिरी का प्रावधान नहीं है। ठेकेदार रूटीन काम के अलावा शिकायत मिलते ही कार्रवाई करता है। जांच टीम ने शहर की सफाई को संतोषजनक बताया, लेकिन 80 प्रतिशत कर्मचारी वर्दी में नहीं मिले। जांच में उड़नदस्ते के साथ खुफिया विभाग की टीम भी साथ रही।
सुबह करीब नौ बजे मुख्यमंत्री उड़नदस्ते व खुफिया विभाग की टीम मानसरोवर पार्क के नजदीक सफाई ब्रांच के कार्यालय में पहुंची, जहां मुख्य सफाई निरीक्षक सुंदर सिंह नहीं मिले। दूसरे सफाई निरीक्षक हर्ष चावला से पूछताछ की, सफाई ब्रांच के अधिकारियों व कर्मचारियों का रिकार्ड खंगाला। डेढ़ घंंटे की जांच पड़ताल के बाद जांच टीम प्रेम नगर चौक पर पहुंची, जहां 10 में से 9 कर्मचारी हाजिर मिले, जबकि एक अवकाश पर था। इसके बाद टीम झंग कॉलोनी में पहुंची, जहां नौ में से नौ कर्मचारी हाजिर मिले, लेकिन ज्यादातर बिना वर्दी में थे। पूछने पर जांच टीम को बताया कि उनको चार साल बाद वर्दी मिली है। जल्द पहनना शुरू कर देंगे।
कचरा निस्तारण प्लांट की दो यूनिट चालू मिलीं
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता शहर में जांच के बाद भिवानी रोड स्थित कचरा निस्तारण प्लांट पर पहुंचा, जहां तीन यूनिट लगाई गई हैं। दो यूनिट चालू हालत में थीं जबकि तीसरी मरम्मत के कार्य के चलते बंद थी। वहां से टीम लौट आई।
मुख्यालय भेजी रिपोर्ट, अभियान चलाकर उठाया जा रहा कचरा
जांच में पता चला कि निगम ने 2017 में सफाई का टेंडर दिया था, जिसे रिन्यू किया जा रहा है। 212 पक्के व 456 कच्चे कर्मचारी हैं। टेंडर के अंदर के कर्मचारियों की हाजिरी का प्रावधान नहीं है। मुख्यालय को रिपोर्ट भेज रहे हैं। एक सप्ताह से निगम अभियान चलाकर कचरा उठवा रहा है। पुराने आईटीआई मैदान में कचरे का ढेर लगा था, जो जांच में नहीं मिला। एक तरह से शहर की सफाई संतोषजनक मिली।
- दिनेश ढाका, डीआई खुफिया विभाग।
जांच टीम मुख्यमंत्री को सफाईकर्मियों की कम संख्या के बारे में बताएं
निगम में मात्र 212 पक्के व 456 कच्चे कर्मचारी हैं जबकि जनसंख्या 6 लाख के करीब होने वाली है। नियमों के तहत 400 लोगों पर एक सफाई कर्मचारी होना चाहिए जबकि औसतन शहर में अब 898 लोगों की जिम्मेदारी एक सफाई कर्मचारी उठा रहा है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को चाहिए कि मुख्यमंत्री को सफाईकर्मियों की कम संख्या के बारे में भी बताएं।
- संजय बिड़लान, प्रधान नगर निगम कर्मचारी।
रोहतक ही नहीं, पूरे प्रदेश में हुई सफाई व्यवस्था की जांच
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने रोहतक के अलावा जिले के महम, कलानौर व सांपला में भी छापा डाल कर जांच की है। इसके अलावा हिसार, पानीपत सहित प्रदेश के दूसरे जिलों में भी जांच पड़ताल की गई है।