रोहतक। छोटू राम बहुतकनीकी संस्थान में हुए 48 लाख रुपये के पीएफ घोटाले में करीब पांच वर्ष बाद संस्था प्रबंधन ने अधीक्षक प्रवीण कुमार को बर्खास्त कर दिया है। यह मुद्दा एक माह पूर्व बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट में रखा गया था।
वर्ष 2019 में कर्मचारियों के खाते से पीएफ निकालने के मामले में एक अन्य कर्मचारी ने गलती मानते हुए अपने हिस्से की राशि जमा कर दी थी। संस्थान में पांच वर्षों से पीएफ घोटाला लंबित था। संस्था के प्रशासक रहे तीन आईएएस अधिकारियों ने इसकी जांच कराई थी। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं की गई थी।
आरोपी को निलंबित कर अधिकारियों ने फाइल संस्था की प्रबंधन कमेटी की कार्रवाई के लिए छोड़ दी थी। संस्था में करीब एक दशक बाद कार्यकारिणी गठित हुई तो फाइल पर जमी धूल भी हट गई।
इस मामले में बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट ने तथ्यों के आधार पर अधीक्षक को बर्खास्त करने का फैसला लिया।प्राचार्य ने फाइल कार्रवाई के लिए संस्था प्रधान के समक्ष रखी। इस पर प्रधान ने अधीक्षक को बर्खास्त कर दिया।
यह है मामला
बता दें कि वर्ष 2019 में 48 लाख रुपये की भविष्य निधि राशि का गबन हुआ था। उस समय मामले में तीन आरोपी थे। इनमें से एक आरोपी को बरी कर दिया गया था। दूसरे आरोपी ने अपने हिस्से की गबन राशि संस्था में जमा कर दी थी।
तीसरे आरोपी प्रवीन कुमार को भी अपने हिस्से की राशि जमा करने क मौका दिया गया था मगर नहीं जमा की। इस कारण संस्था प्रबंधन कमेटी ने प्रवीण की बर्खास्त करने का फैसला लिया है।
वर्जन
संस्था कर्मी प्रवीन कुमार की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। यह मामला पिछले पांच साल से लंबित था। संस्था प्रशासक रहे आईएएस अधिकारी की जांच में भी यह कर्मचारी दोषी पाया जा चुका है। -गुलाब सिंह दिमाना, प्रधान जाट शिक्षण संस्था।