संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। देवशयनी एकादशी पर 25 जुलाई से चतुर्मास शुरू हो रहा है जो 21 नवंबर को देवउठनी एकादशी तक चलेगा। ज्योतिषाचार्य एवं धर्माचार्य डॉ. संदीप पाठक ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार माह के लिए योगनिंद्रा में चले जाते हैं।
डॉ. संदीप ने कहा कि चतुर्मास की इस अवधि पवित्र एवं धार्मिक साधना के लिए विशेष मानी जाती है। इस दौरान विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन, यज्ञोपवीत एवं अन्य मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा। देवउठनी एकादशी से पुनः सभी शुभ एवं मांगलिक कार्य प्रारंभ होंगे।
उन्होंने कहा कि चतुर्मास के चार महीनों में श्रद्धालुओं को जप, तप, दान-पुण्य, भगवान विष्णु एवं भगवान शिव की आराधना, भजन-कीर्तन तथा सत्संग में अधिक समय देना चाहिए। यह काल आत्मचिंतन, संयम और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष अवसर प्रदान करता है।