रोहतक। साझा मोर्चा के आह्वान पर वीरवार को रोडवेज कर्मचारियों ने चक्का जाम किया। सुबह चार बजे से ही रोडवेज बसें किसी रूट पर नहीं चली। चक्का जाम के कारण हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। निजी बसों का संचालन स्टैंड के बाहर से किया गया। इस कारण बस स्टैंड के बाहर दिनभर जाम की स्थिति रही। बस स्टैंड के दोनों गेटों पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। लंबे रूटों पर जाने वाले यात्रियों की रेलवे स्टेशन पर दिनभर भीड़ रही। देर शाम साझा मोर्चा ने शुक्रवार को भी चक्का जाम करने का निर्णय लिया।
साझा मोर्चा के सदस्यों के अनुसार सुबह चार बजे के बाद कोई भी रोडवेज बस पूरा दिन बस स्टैंड से बाहर नहीं निकली। हालांकि बताया जा रहा है कि रात एक बजे मुरादाबाद और दो बजे जयपुर के लिए बसें रवाना हुई है। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार डिपो में कुल 185 बसें हैं। जो दिन भर में करीब 250 फेरे लगाती हैं। रोडवेज बसें रोजाना औसतन 48 हजार किलोमीटर दौड़ती हैं इससे करीब 17 लाख रुपये की कमाई होती है। चक्का जाम के दौरान वीरवार को 70 बसें रात्रि ठहराव और 20 लंबे रूटों पर चलने वाली वीरवार को भी चली हैं। वीरवार को रोडवेज बसें करीब 35 हजार किलोमीटर चली और करीब 10 लाख रुपये कमाई दर्ज की। चक्का जाम के कारण रोडवेज को करीब सात लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। बसों के अभाव में परेशान यात्रियों ने निजी बसों की छत पर बैठकर यात्रा करने के लिए मजबूर रहे।
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सांपला से रोजाना नौकरी करने रोहतक आती हूं। जरूरी काम के कारण दोपहर में ही घर वापस जाना है। बस के इंतजार में एक घंटे से ज्यादा समय से बस स्टैंड में बैठी हूं। न तो कोई बस यहां आ रही है और न ही कोई बस जा रही है।
- अन्नू, महिला यात्री
शुक्रवार सुबह नौ बजे जयपुर में रेलवे भर्ती की परीक्षा है। वहां जाने के लिए पिछले तीन घंटे से बस के इंतजार में बैठा हूं। चक्का जाम के कारण कोई बस नहीं चल रही। शाम तक वहां पहुंचना जरूरी है। नहीं पहुंचा तो नौकरी का सपना अधूरा रह जाएगा।
- पवन कुमार, यात्री
सुबह दुर्जनपुर गांव से रोहतक के लिए तो बस मिल गई थी। पिछले दो घंटे से सोनीपत जाने के लिए रोडवेज बस का इंतजार कर रही हूं। मेरे साथ मेरा तीन महीने का बच्चा है। निजी बसों में भीड़ ज्यादा है। बैठने के लिए भी जगह नहीं मिल रही।
- सोनिया, यात्री
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पद कुल हड़ताल में शामिल
चालक 348 131
कार्यशाला 109 1
परिचालक 369 137
प्रबंधन 133 19
कुल 959 288
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नवंबर 2018 में हुआ था चक्का जाम -
छह रोडवेज यूनियनों की तालमेल कमेटी के आह्वान पर 16 व 17 नवंबर को रोडवेज कर्मचारियों ने किलोमीटर स्कीम के विरोध में चक्का जाम किया था। मांगें पूरी न होने पर यह हड़ताल 18 दिन चली थी। उसके बाद सरकार और कर्मचारियों की बातचीत के बाद समझौता हो गया था।
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यह है मामला -
कुंडली के पास मंगलवार को थार जीप सवार सोनीपत डिपो के बस चालक व परिचालक को टक्कर मार कर फरार हो गए। बस चालक जगबीर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। परिचालक फतेह सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने जीप सवारों के खिलाफ हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज कर लिया था। लेकिन पुलिस ने आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया है। बुधवार को साझा मोर्चा ने बैठक कर आरोपियों की गिरफ्तारी होने और मृतक परिवार को मुआवजा न देने तक चक्का जाम करने का निर्णय लिया।
वर्जन -
साझा मोर्चा के आह्वान पर वीरवार को किया गया रोडवेज का चक्का जाम शत प्रतिशत रहा। चालक की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी और परिजनों को मुआवजा व नौकरी न मिलने तक चक्का जाम रहेगा।
- जयकुवार दहिया, साझा मोर्चा सदस्य