09सीटीके24 -जाट स्कूल में चौधरी छोटूराम की 80वीं पुण्यतिथि पर समाधि स्थल पर हवन में आहुति डालते
चौधरी छोटूराम ने किसानों-मजदूरों के हकों की लड़ाई लड़ी। शिक्षा को विकास का माध्यम मानते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वे रक्तविहीन क्रांति के पुरोधा थे। यह कहना है पूर्व केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह का। वे वीरवार को चौधरी छोटूराम की 80वीं पुण्यतिथि पर जाट स्कूल स्थित उनके समाधिस्थल पर हवन में शामिल होने पहुंचे थे।
जाट संस्था में पहुंचने पर चौधरी बीरेंद्र सिंह और महम विधायक बलराम दांगी का संस्था प्रधान गुलाब सिंह दिमाना, उपप्रधान धर्मराज, महासचिव एडवोकेट नवदीप (मोनू) व संस्था के सदस्यों ने स्वागत किया। यहां हवन में आहुति देकर सभी ने सर छोटूराम को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चौधरी छोटूराम शुरू से ही समाज के प्रति चिंता रखते थे। हमेशा हर वर्ग को जोड़ने और उनके विकास की बात करते थे। वे सभी धर्मों के लोगों को एक साथ लेकर चलने वाली शख्सियत थे। उन्होंने सुझाव दिया कि छोटूराम मेमोरियल लेक्चर कराए जाएं और खेती-बाड़ी या अन्य किसी क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने वाले लोगों को छोटूराम के नाम पर सम्मानित किया जाए।
जाट संस्था के प्रधान गुलाब सिंह दिमाना ने कहा कि चौधरी छोटूराम अपनी बात को निडरता के साथ कहते थे। उन्होंने सभी उपस्थित जनों को चौधरी छोटूराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने व इतिहास को संभालकर रखने की अपील की। जाट स्कूल स्थित चौधरी छोटूराम की समाधि स्थल का 15 लाख रुपये से जीर्णोद्धार कराने की घोषणा की। इस मौके पर डॉ. कपूर सिंह, सुरेंद्र ढुल, सुखबीर हुड्डा, जयकंवार नीटू, राजेश तहलान, जयभगवान गोच्छी, बिजेंद्र दांगी, समेत अनेक लोग मौजूद रहे।