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केंद्र सरकार दलित विरोधी, अध्यादेश लेकर आए - विधायक बीबी बतरा

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आंबेडकर चौक पर अपनी मांगो को लेकर प्रदर्शन करते काग्रेस विधायक बीबी बतरा व विधायक शकूंतला खटक व ?
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रोहतक। सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रमोशन में आरक्षण पर रोक लगाने को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा और शकुंतला खटक के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने रोष मार्च निकाला और राष्ट्रपति के नाम सीटीएम को मांगपत्र सौंपपर मामले में अध्यादेश लाने की मांग की। दूसरी तरफ भाजपा के जिलाध्यक्ष अजय बंसल का कहना है कि कांग्रेस समाज के लोगों को भ्रमित ना करे। 2012 में जब यह मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट में गया, तब उत्तराखंड के अंदर कांग्रेस की सरकार थी। कांग्रेस की सरकार समय रहते सही नोटिफिकेशन जारी करती तो सुप्रीम कोर्ट को आदेश नहीं देना पड़ता।
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दोपहर में कांग्रेस कार्यकर्ता अंबेडकर चौक स्थित पार्टी कार्यालय में एकत्रित हुए, जहां विधायक भारत भूषण बतरा और शकुंतला खटक ने कार्यकर्ताओं संबोधित किया। आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने समय पर मामले में अदालत में उचित पक्ष नहीं रखा, जिसके चलते प्रमोशन में आरक्षण पर रोक लगी है। केंद्र सरकार के दलित विरोधी रवैये के खिलाफ पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा के मार्गदर्शन में हर जिला स्तर पर प्रदर्शन किया जा रहा है। वहीं, कलानौर से विधायक शकुंतला खटक ने कहा कि दलित समुदाय के साथ नाइंसाफी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौजूदा सरकार तानाशाही और षड्यंत्रकारी रवैये के चलते समुदाय को कुचलना चाहती है, लेकिन कांग्रेस पार्टी सरकार के इन मंसूबों को कामयाब नहीं होने देगी। इस मौके पर पार्षद गुलशन ईश पुनियानी, पूर्व पार्षद अमर अरोड़ा, सुरेंद्र बतरा, नंद कपूर, विनोद देह राज, सतीश बंधु, ताराचंद बागड़ी, रघुवीर सैनी, बलवान रंगा, महेंद्र बागड़ी, अनुराग फरमाना, मोनू शर्मा, रोमी ग्रेवाल, बिट्टू पालीवाल, राजीव अत्री, सत्यवान चहल, लोकी राम प्रजापति, मृदुला शर्मा, अनीता भाटिया, कुलदीप बतरा, चरणजीत शर्मा व रितेश बतरा भी मौजूद रहे।
कांग्रेस अपने गिरेबान में झांके, जब हाईकोर्ट में केस आया, उस समय कांग्रेस की सरकार थी उत्तराखंड में : बंसल
दूसरी ओर भाजपा जिला अध्यक्ष अजय बंसल का कहना है कि कांग्रेस दलितों के आरक्षण संबंधी मामले में लोगों को भ्रमित ना करे। 2012 में जब यह मामला उत्तराखंड हाईकोर्ट में गया, तब उत्तराखंड के अंदर कांग्रेस की सरकार थी। कांग्रेस की सरकार समय रहते सही नोटिफिकेशन करती तो आज सुप्रीम कोर्ट को आदेश नहीं देना पड़ता। देश की सबसे बड़ी न्यायपालिका सुप्रीम कोर्ट की ओर से जो आदेश आया है, उस पर केंद्र सरकार मंथन कर रही है, लेकिन कांग्रेस ने आजादी के बाद से दलितों और बैकवर्ड के नाम पर झूठी राजनीति करने का काम किया है। भाजपा को दलित विरोधी बताने वाली कांग्रेस को पता होना चाहिए कि अभी कुछ दिन पहले ही देश और प्रदेश में विधायिका के अंदर अगले 10 साल के लिए आरक्षण को बढ़ाने का काम मोदी सरकार ने ही किया है। बंसल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने यह जो आदेश दिया है, वह उत्तराखंड सरकार में सहायक आयुक्त के पद पर तैनात अधिकारी के संदर्भ में दिया है और फिलहाल यह उस याचिका विशेष तक ही सीमित है। इसलिए कांग्रेस जनता को भ्रमित ना करे।
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