‘गतका खेडण खालसे, अजब नजारा, नरसिंहगे पये गूंजदे, वजदा नगाड़ा...’। कुछ ऐसा ही माहौल देखने को मिला मंगलवार को शहर के चौक चौराहों पर। मौका था गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाशोत्सव पर शहर में निकाले गए नगर कीर्तन का।
माता दरवाजा स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब से जब नगर कीर्तन शुरू हुआ तो ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ की गूंज हर तरफ सुनाई दे रही थी। नगर कीर्तन में जहां ड्रोन और आगरा से आई तोप से की गई फूलों की वर्षा आकर्षण का केंद्र रही।
वहीं रोहतक के अलावा दिल्ली, आगरा व पंजाब की गतका पार्टियों द्वारा दिखाए गए जौहर से लोगों ने दांतों तले अंगुलियां दबा लीं। इसके साथ ही लड़कियों की गतका पार्टी को भी लोगों ने सराहा। मंगलवार को दोपहर 12:30 बजे, गुरुद्वारा बंगला साहिब से नगर कीर्तन शुरू हुआ।
बस स्टैंड, कच्चा बेरी रोड, भिवानी स्टैंड, रेलवे रोड, रेलवे स्टेशन, झज्जर रोड, आउटर किला रोड, गोहाना अड्डा, निरंकारी मार्केट, बड़ा बाजार, बाबरा मोहल्ला से होते हुआ वापस गुरुद्वारे में पहुंचकर नगर कीर्तन पूरा हुआ। पंच प्यारो की अगुवाई में चल रहे नगर कीर्तन के आगे और पीछे संगतों की ओर से सफाई अभियान चलाया गया।
शहरभर में लगाए गए विशेष स्टॉल पर नगर कीर्तन का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान 7 गतका पार्टियों के साथ मिलिट्री बैड, हाथी और घुड़सवार के साथ पटाखों वाली बंदूक नगर कीर्तन के साथ थी।
इनका रहा सहयोग
नगर कीर्तन में गुरुद्वारा बंगला साहिब कमेटी के प्रधान अवतार सिंह कोचर डोली दिल्ली से आए महिंद्र सिंह चुघ, सरदार जोगिंद्र सिंह, सरदार कवल नरिंद्र सिंह, सरदार गुरचरण सिंह, सरदार करमजीत सिंह, सरदार गुरविंद्र सिंह, सरदार बलदेव सिंह, सरदार गुरबख्श सिंह और पंजाबी एकता मंच की टीम का विशेष सहयोग रहा।