चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय(सीबीएलयू) के 18 विभागों में 33 पाठ्यक्रम करवाए जा रहे हैं। जिसमें दोनों सत्रों के करीब 1850 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे है। विश्वविद्यालय में सबसे अधिक विज्ञान और गणित विभाग में दाखिला लेने के लिए विद्यार्थियों में मारामारी रहती है। इसके लिए कई बार 98 फीसदी पर भी कट ऑफ लिस्ट लगी हैं। ज्यादातर विद्यार्थी विश्वविद्यालय कैंपस में दाखिला लेने के इच्छुक होते हैं जिसकी वजह से कट ऑफ लिस्ट अधिक रहती हैं। सभी कोर्स में मेरिट लिस्ट के अनुसार ही दाखिले की व्यवस्था हैं। अगर किसी कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है तो आवेदन के दौरान इसकी सूचना दी जाती हैं। विश्वविद्यालय ने अपने खुद की विशेष पहचान बनाते हुए चरित्र निर्माण पाठ्यक्रम और हॉबी क्लब सहित अनेक कार्यक्रम शुरू किए हैं।
नए भवन में लगेगी नए सत्र से कक्षाएं
सीबीएलयू की स्थापना 25 जुलाई 2014 को हुई थी। विश्वविद्यालय ने अपने स्वयं के भवन के निर्माण के लिए करीब दो सौ करोड़ के बजट के साथ निर्माण कार्य शुरू किया हुआ है। इसके लिए 132 एकड़ भूमि गांव प्रेमनगर द्वारा दान में दी गई है। विश्वविद्यालय की चहारदीवारी, स्वर्ण जयंती द्वार, दो शैक्षणिक ब्लॉक निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। विश्वविद्यालय का भवन परिसर अगले सत्र तक पूर्ण होने की उम्मीद हैं।
दो जिलों के 57 कॉलेज में अध्ययन केंद्र
सीबीएलयू का विस्तार फिलहाल दो जिलों में है। इससे भिवानी और चरखी दादरी जिला के 57 कॉलेजों को जोड़ा गया हैं। इनमें से 36 एफिलिएटेड कॉलेज, 19 डिग्री कॉलेज, एक बीएसीए व एमसीए और एक लॉ कॉलेज हैं। फिलहाल इन सभी कॉलेज में मिलाकर करीब 60 हजार विद्यार्थी विभिन्न कोर्सां में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। सीबीएलयू कैंपस में फिलहाल करीब 1850 विद्यार्थियों का दाखिला है। कैंपस में 97 शिक्षक हैं इनमें से 23 शिक्षक रेगुलर पोस्ट और 70 गेस्ट फैकल्टी हैं। वहीं बाकी के तीन अन्य माध्यम से कार्यरत हैं।
छह संकाय और 18 विभागों की है सुविधा
विश्वविद्यालय में छह संकाय और 18 शैक्षणिक विभाग हैं। विश्वविद्यालय में वाणिज्य एवं प्रबंधन, शिक्षा संकाय, मानवीकी, जीवन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, सामाजिक विज्ञान संकाय हैं। इस तरह विश्वविद्यालय अर्थशास्त्र, हिंदी, अंग्रेजी, भूगोल, इतिहास, पत्रकारिता और जन संचार, राजनीति विज्ञान, मनोविज्ञान, व्यवसाय प्रबंध, वाणिज्य, फार्मेसी, शारीरिक शिक्षा, सामाजिक कार्य, जैव प्रौद्योगिकी, वनस्पति विज्ञान, रसायन विज्ञान, अंकशास्त्र, भौतिक विज्ञान, प्राणी विज्ञान विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम प्रदान करता हैं।
सीट अनुसार कोर्सों की जानकारी:
कोर्स सीट
बी.फार्मेसी 60
एमए अर्थशास्त्र 40
एमए हिंदी 40
एमए इंग्लिश 40
एमए ट्रांसलेशन स्टडी 30
एमए इतिहास 60
एमए राजनीति शास्त्र 40
एमजेएमसी 30
एमबीए 40
एमकॉम 50
एम.फार्मेसी डीआरए 06
एम.फार्मेसी आईपी 06
एम.फार्मेसी फार्मा 06
एमएससी बायो टेक्नोलॉजी 30
एमएससी बॉटनी 30
एमएससी कमेस्ट्री 60
एमएससी कंप्यूटर साइंस 30
एमएससी जियोग्रोफी 40
एमएससी माइक्रो बायोलॉजी 30
एमएससी फिजिक्स 30
एमएससी मनोविज्ञान 40
एमएससी जियोलॉजी 30
एमए सोशल वर्क 30
एमएससी गणित 40
पांच वर्षीय फिजिक्स 30
इंटरग्रेटेड कैमेस्ट्री 30
एमएससी गणित 30
एमपीईएस 30
पीजी डिप्लोमा योगा 40
पीजी डिप्लोमा जिम व ट्रेनर 20
पीजी डिप्लोमा कंप्यूटर एप 20
पीजी डिप्लोमा जियो- इंफारमेशन 20
सीसी वैदिक गणित 30
सीसी संगीत 30
सीसी नृत्य 30
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नौ विषयों से करवा रहे पीएचडी
विश्वविद्यालय के फिलहाल नौ विषयों से पीएचडी करवाई जा रही है। इसमें करीब 55 रिसर्च स्कॉलर हैं। विश्वविद्यालय में जूयोलोजी, बॉयोटेक्नोलोजी, कैमस्ट्री, फिजिक्स, मैथ्समेटिक्स, राजनीति शास्त्र, इंग्लिश, कॉमर्स, मैनेजमेंट से पीएचडी करने की सुविधा हैं।
चरित्र निर्माण पाठ्यक्रम में देश का पहला विवि
सीबीएलयू चरित्र निर्माण पाठ्यक्रम तैयार करने वाला देश का पहला और 11 हॉबी क्लबों का गठन करने वाला प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय है। विवि प्रशासन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन को लेकर विशेष कमेटी का गठन किया है। साथ ही डिजिटल डिग्री, च्वाइस बेस क्रेडिट सिस्टम संचालित कर व्यावहारिक शिक्षा को बढ़ावा दे रहे है। कोरोना काल में जागरूकता अभियान, कोविड मरीजों को निशुल्क भोजन और स्वास्थ्य विभाग को निशुल्क दो गाड़ियां उपलब्ध करवाई हैं। साथ ही पर्यावरण संरक्षण एवं संसाधानों के संरक्षण की दिशा में सतत संयमित उपभोग अभियान भी चलाया जा रहा है।
विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव नियुक्ति और कार्यकाल
25 जुलाई 2014 को इस विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। प्रो. एसके गक्खड़ को कुलपति और प्रो. भगवान सिंह चौधरी को प्रथम कुलसचिव नियुक्त किया गया। 26 जुलाई 2017 को विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसके गक्खड़ के कार्यकाल समाप्ति के बाद गुरू जंभेश्वर विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार को विश्वविद्यालय के कुलपति का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया। 30 जनवरी 2018 को विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर प्रो. राजकुमार मित्तल को कुलपति पर नियुक्त किया। विश्वविद्यालय के द्वितीय कुलसचिव के पद पर एमडीयू रोहतक के कुलसचिव डॉ. जितेंद्र कुमार भारद्वाज को उनके एमडीयू के बतौर कुलसचिव का सफल कार्यकाल पूर्ण होने पर सरकार ने चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के कुलसचिव पद पर नियुक्ति किया हुआ है।
सामाजिक समस्याओं का हल शिक्षा एवं रिसर्च से निकालना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है। रोजगार परक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने को विश्वविद्यालय कृत संकल्पित है। भविष्य में यह विश्वविद्यालय शिक्षा, अनुसंधान एवं खेलों के क्षेत्र में नये आयाम स्थापित करेगा।
- प्रो. राजकुमार मित्तल, कुलपति, सीबीएलयू, भिवानी।
विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा एवं अनुसंधान के साथ ही खेलों के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। आने वाले समय में यह विश्वविद्यालय देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल होगा।
- डॉ. जितेंद्र भारद्वाज, कुलसचिव, सीबीएलयू, भिवानी।