संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जीएसटी के रूप में सालाना करोड़ों रुपये अदा करने वाले व्यापारियों की सुरक्षा के लिए अपेक्षित इंतजाम नहीं हैं। पांच वर्ष पहले सांसद निधि से लगाए गए 24 सीसीटीवी कैमरे देखरेख के अभाव में खराब पड़े है। पुलिसकर्मियों की तैनाती नहीं होने से बाजार के बीच स्थित पुलिस बूथ शोपीस साबित हो रहा है। व्यापारियों ने सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त कराने की मांग की है।
व्यापारियों ने बताया कि पांच वर्ष पहले सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए सांसद निधि से जिला प्रशासन को 10 लाख रुपये मिले थे। इससे नगर परिषद ने शहर के बाजारों व प्रमुख चौराहों पर 24 सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। देखरेख के अभाव में गोकल गेट के पास लगे दो कैमरे टूटकर लटक गए। इसके बाद जीवली बाजार के निकट ट्रक की टक्कर से दो और कैमरे टूटकर लटक गए थे। बारी-बारी से सभी कैमरे खराब पड़े हैं। सीसीटीवी कैमरे ठीक होने पर पुलिस को चोरी की वारदात को सुलझाने में मदद मिलती थी। सीसीटीवी कैमरे खराब होने से अब पुलिस को भी परेशानी हो रही है।
सराफा व्यापारी की दुकान पर लूट का नहीं लगा सुराग
शहर के गोकल बाजार में तीन दिन पहले एक सराफा व्यापारी की दुकान पर बदमाश 21 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण लूट ले गए थे। पुलिस को आरोपियों का सुराग नहीं मिला है। मंगलवार को रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने व्यापारियों से मुलाकात की थी। उन्होंने बाजार में पुलिस की गश्त बढ़वाने और बूथ बनवाने का आश्वासन दिया था। वहीं, शहर के मोती चौक पर पिछले साल पुलिस प्रशासन की ओर से पुलिस बूथ बनाया गया था। यहां पुलिसकर्मी नहीं तैनात रहते हैं। एसपी के आदेश पर कुछ दिनों तक बाजार में 24 घंटे गश्त होती थी लेकिन पहले जैसी चुस्ती नहीं नजर आ रही है।
सालाना 3000 करोड़ जीएसटी देते हैं व्यापारी
विभिन्न व्यवसायों से जुड़े व्यापारी सालाना करीब 3000 करोड़ जीएसटी देते हैं। इसके बाद भी उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही है। जिले में सरकार को जीएसटी देने वाले करीब 15 हजार व्यापारी हैं। ये व्यापारी राज्य सरकार और केंद्र सरकार को जीएसटी अदा करते हैं। व्यापारी प्रति महीने 280 से 300 करोड़ रुपये जीएसटी सरकार को देते हैं। इनकम टैक्स की बात करें तो सालाना 200 करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स बनता है। ऐसे में देखा जाए तो जीएसटी और इनकम टैक्स मिलाकर 3200 करोड़ से अधिक रुपये सालाना सरकार को जिले से मिलते हैं। फिर भी व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर कोई भी विशेष प्रबंध ना तो सरकार की तरफ से किए गए हैं और ना ही प्रशासन ने किए हैं।
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कोट
पुलिस प्रशासन की ओर से शहर के मेन बाजार के बीच मोती चौक पर पिछले वर्ष पुलिस बूथ लगाया गया था, ताकि व्यापारियों को सुरक्षा व्यवस्था मिल सके। यहां पर एक भी पुलिसकर्मी की तैनाती नहीं होने से बूथ शोपीस बनकर रह गया है।- दिनेश कपूर, दुकानदार, पुरानी सब्जी मंडी।
कोट
बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों के तार को कोई अज्ञात व्यक्ति काट देता है जिससे कैमरे खराब हो जाते हैं। प्रशासन कैमरों को ठीक कराकर इन्हें अपने अंडर में लें, ताकि इनकी रखरखाव हो सके। सीसीटीवी कैमरे ऐसी जगह लगाया जाएं जहां किसी का हाथ न पहुंच पाए।-अनिल कुमार अरनेजा, पूर्व मेंबर, व्यापारी कल्याण बोर्ड ।
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कोट
रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव की पहल पर पिछले दिनों बाजार में पुलिस गश्त बढ़ाई गई थी। पुलिस प्रशासन व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए। इससे काफी फायदा होगा। - प्रदीप जैन, सराफा व्यापारी।
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वर्जन
समाधान शिविर में सीसीटीवी कैमरे लगवाने की मांग की गई है। जगह निर्धारित कर एस्टीमेट बनाया जाएगा। इसके बाद शहर में कैमरे लगवाए जाएंगे।-संदीप मलिक, ईओ, नगर परिषद।