गोहाना। अदालत के आदेश पर शहर थाना पुलिस ने एक बैंक की महिला प्रबंधकीय अधिकारी पर फर्जी तरीके से विवाह प्रमाणपत्र बनवाने पर मुकदमा दर्ज किया है। महिला ने अपने पति से तलाक के लिए रोहतक के फैमिली कोर्ट में याचिका दायर की थी। उस याचिका में विवाह प्रमाण पत्र संलग्न किया था। उसके पति ने दावा किया कि विवाह प्रमाणपत्र बनवाने के लिए वह और उनके परिवार की तरफ से कोई भी रजिस्ट्रार के सामने पेश नहीं हुए। फर्जी हस्ताक्षरों, शपथ पत्र और गवाहों से विवाह प्रमाणपत्र बनवाया गया है। पति ने इस संबंध में गोहाना में पुलिस अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन कार्रवाई नहीं की। इस पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली। अब न्यायालय के आदेश पर शहर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पानीपत के मॉडल टाउन निवासी करण ने शिकायत दी थी कि अप्रैल 2019 में उनकी शादी बैंक अधिकारी अन्नु से असामान्य परिस्थितियों में हुई थी। अन्नु की शादी रोहतक के किसी अन्य व्यक्ति के साथ तय हुई थी, लेकिन दो दिन पहले किसी कारण से टूट गई थी। शादी की तैयारी पूरी हो चुकी थी और आनन-फानन में रिश्तेदारों के दबाव में उससे शादी की गई। शादी के बाद दोनों पुणे में रहने लगे थे। अन्नु एक बैंक में प्रबंधकीय अधिकारी है और वर्तमान में अहमदाबाद में तैनात है। अन्नु ने रोहतक के फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए याचिका दायर की थी। वहां पर विवाह प्रमाणपत्र संख्या 1876 पेश किया गया। अब न्यायालय के आदेश पर शहर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।