सांपला स्थित वसुंधरा कैफे के पास घर में तोड़फोड़, मारपीट और महिलाओं के
साथ छेड़छाड़ करने के मामले में पुलिस ने आखिरकार हमलावरों के खिलाफ मामला
दर्ज कर लिया है।
पीड़ितों पर ही मामला दर्ज करने के विरोध में
ग्रामीणों ने बुधवार को छह घंटे नेशनल हाईवे जाम किया था। इसके बाद पुलिस
ने कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया था। इसी पर अमल करते हुए पुलिस ने
पीड़ित सतपाल की शिकायत पर गांव धामड़ निवासी लीला व नवीन सहित दस लोगों
के खिलाफ केस दर्ज किया है।
सोमवार रात को कस्बा सांपला निवासी
सतपाल के घर आठ-दस युवकों ने घुसकर परिवार पर हमला बोल दिया था और बेटी व
पत्नी को अगवा करने का प्रयास किया था। साथ ही हमलावरों ने घर के बाहर खड़ी
गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था। इस मामले में सांपला पुलिस ने
हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज करने की बजाय सतपाल और अन्य पर ही केस दर्ज
कर लिया था। इसके रोषस्वरूप लोगों ने छह घंटे तक रोड जाम किया था। बुधवार
देर शाम को सांपला पुलिस ने सतपाल के बयान दर्ज किए।
पुलिस ने
सतपाल की पत्नी की मेडिकल जांच करवाई और गांव धामड़ निवासी लीला व नवीन को
नामजद करते हुए अन्य आठ युवकों के खिलाफ घर में घुसकर तोड़फोड़, मारपीट,
महिलाओं से छेड़छाड़ व अगवा करने के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत
मामला दर्ज कर लिया है। इसके अलावा एसपी राजेश दुग्गल ने थाना प्रभारी
हरिराम से भी जवाब तलब किया है। ग्रामीणों ने इस मामले थाना प्रभारी हरिराम
पर हमलावरों से मिलीभगत का आरोप लगाया था। वीरवार दोपहर को एफएसएल की
विशेष टीम ने घटनास्थल का भी मुआयना किया।