रोहतक। दिल्ली एनसीआर से कटड़ा के लिए बनने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग की वजह से गांव रिठाल की करीब 500 एकड़ कृषि भूमि को दो वर्ष से नहरी पानी नहीं मिल पा रहा है। परेशान किसान इस बारे में संंबंधित कंपनी और स्थानीय अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
जेएलएन स्थित गांव रिठाल के खेतों से यह राष्ट्रीय राजमार्ग निकल रहा है। निर्माण कार्य जोरों पर है लेकिन सिंचाई विभाग की ओर से स्थापित जिस मोगे से यहां के खेतों को पानी मिल रहा था, वह अवरूद्ध है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिया नंबर 30971 है। इसके नीचे से जेएलएन के मोगा नंबर 230 से करीब पांच सौ एकड़ कृषि भूमि को पानी मिलता रहा है। यह मोगा जासिया माइनर से जोड़ा गया है।
मजबूरी में लगाए गए ये ट्यूबवेल किसानों को काफी महंगे पड़ रहे हैं। किसान जुर्माने से बचने के लिए यह बिल अदा करने पर विवश हैं। प्रभावित किसानों में कुलबीर, सतबीर, मनोज, हरदीप, हरप्रीत, नवीन, धर्मबीर, सतपाल, नंदा, कृष्ण, सुदामा, बलराम, मलखान व अन्य शामिल हैं। इस बारे में वे कई बार अथॉरिटी के अधिकारियों से मिल चुके हैं। लेकिन उनकी कार्य करने की मंशा नहीं लगती है।
यह बोले अधिकारी
हाईवे अथॉरिटी से संबद्ध कंपनी केसीसी बिल्डकॉन के स्थानीय अधिकारी कृष्ण कुमार से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि जेएलएन से खेतों तक नाली का निर्माण किया गया है। एक स्थान पर शेष है उसे भी पूरा किया जाएगा। अभी कार्य चल रहा है।