जनसेवा संस्थान सही मायनों में पुनर्वास केंद्र बन रहा है। संस्थान वीरवार को आश्रम में रह रही युवती व एक युवक की शादी करवाएगा और आश्रय भी देगा। क्योंकि युगल को मानसिक दिक्कत के चलते अतीत याद नहीं है। डॉक्टरों से हरी झंडी मिलने के बाद आश्रम की तरफ से दोनों की सहमति से उनकी शादी करवाई जा रही है।
आश्रम संचालक महंत डॉ. परमानंद महामंडलेश्वर ने बताया कि पांच साल पहले घायल हालत में एक युवक को आश्रम में लाया गया। उस वक्त युवक मानसिक तौर पर बीमार था। वह केवल अपना नाम जतिन बता पा रहा था। आश्रम में उसका उपचार कराया गया। अब 22 वर्षीय जनित पूरी तरह ठीक हो गया है, लेकिन उसको अतीत के बारे में कुछ भी याद नहीं है। आश्रम में जो जिम्मेदारी उसको दी जाती है, उसका पूरा करता है। वहीं, कविता नाम की लड़की को पुलिस ने 3 साल पहले आश्रम में छोड़ा था। उसे महिला आश्रम में रखा गया है, जहां पहले से 150 से ज्यादा बेसहारा महिलाएं व युवतियां रहती हैं। युवती का भी डॉक्टरों ने उपचार किया। अब आश्रम में रसोई का पूरा काम संभालती है।
युवती बोली, आप ही पिता बनकर लें फैसला
आश्रम संचालक ने शादी से पहले 21 वर्षीय युवती से उसकी मर्जी पूछी। युवती ने आश्रम संचालक डॉ. परमानंद से कहा कि आप ही पिता हो। क्योंकि युवती को यह पता नहीं है कि वह कहां की रहने वाली और उसके माता-पिता कौन है। इसके बाद आश्रम प्रबंधन ने लड़के की मर्जी पूछी। दोनों की आपस में बात करवाई गई। दोनों की एक माह पहले सहमति ली गई। इसके बाद वीरवार को शादी करवाई जा रही है।
दो जोड़ों की पहले हो चुकी है शादी
आश्रम में पहले भी इस तरह दो जोड़ों की शादी करवाई जा चुकी है। एक युगल की एक बेटी है, जबकि दूसरे युगल के पास दो लड़के हैं। एक लड़का तो स्कूल भी जाने लगा है।
विशेष तरह की शादी में शहर के गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया है। इस शादी में वर व वधू पक्ष से शहरवासी ही हैं। क्योंकि दोनों को अपने अतीत के बारे में कुछ पता नहीं है।
- डॉ. परमानंद, संचालक, जनसेवा संस्थान
कविता।- फोटो : RohtakCity