रोहतक। मरने के बाद भी आप जीवित रह सकते हैं। मरणोपरांत अंगदान कर आप किसी को नया जीवन देने के साथ खुद को भी अमर बना सकते हैं। यह अपील पीजीआईएमएस के निदेशक डॉ. एसएस लोहचब ने की है। वे बुधवार को गांव बलाली स्थित प्राथमिक स्कूल में सेवानिवृत्त कर्नल राम भगत की पत्नी की याद में आयोजित अंगदान जागरूकता शिविर में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बबीता फोगाट ने भी अपने विचार रखे।
डॉ. एसएस लोहचब ने कहा कि मौत के बाद भी अगर आप किसी के काम आ सकें तो इससे अच्छा कुछ और हो नहीं सकता है। मौत के बाद अगर आपका दिल किसी सीने में धड़के तो इससे बड़ी बात नहीं हो सकती है। आपकी मौत के बाद आपकी आंखें फिर से इस दुनिया को निहारें इससे सुंदर क्या हो सकता है। ये सब संभव है, लेकिन तब जब आप ऐसा नेक और सराहनीय काम के लिए आगे आएंगे, जिसके बाद दुनिया आपको याद करेगी। आपके इस बेहद ही महान कार्य को दुनिया सलाम करेगी, आप खुद अंगदान करें और दूसरों को भी अंगदान के लिए प्रेरित करें। कर्नल राम भगत ने बताया कि कार्यक्रम में करीब 700 लोगों ने हिस्सा लिया। उन्होंने बताया कि कोई भी स्वस्थ व्यक्ति अंगदान कर सकता है। व्यक्ति किडनी, लंग्स, हार्ट, लिवर और आंतों को डोनेट कर सकता है। कार्यक्रम के आयोजक राम भगत ने बताया कि इस दौरान गांव वालों को अंगदान की शपथ कराई गई और जिन्होंने अंगदान का फॉर्म भर उन्हें सम्मानित किया गया।
अंगदान के प्रति लोगों में बढ़ रही जागरूकता : बबीता फोगाट
अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बबीता फोगाट ने कहा की पीजीआईएमएस रोहतक की सोटो की टीम ने जो लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक किया जा रहा है, इससे प्रदेश के लोगों में अंगदान के प्रति धीरे-धीरे काफी जागरूकता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अंगदान जैसा महादान हो ही नहीं सकता। अंगदान कर आप किसी को नया जीवन दे सकते हैं। किसी के चेहरे पर फिर से मुस्कान ला सकते हैं। किसी को फिर से ये दुनिया दिखा सकते हैं।
यह रहे मौजूद
सोटो की ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर दीप्ति कुमारी, नोडल अधिकारी डॉ. सुखबीर, राम निवास शास्त्री, चंदन सिंह, महेंद्र सिंह, जगदीश सिंह, लक्ष्मी नारायण, उमेद सिंह, बीईओ राज बाला, महावीर फोगाट, द्रोणाचार्य अवार्डी, नेहा सांगवान, श्वेता, सरपंच बिंदराज सांगवान आदि मौजूद रहे।