शहर की सुरक्षा-व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए 23 जगहों पर 90 सीसी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों में कैद होने वाले संदिग्धों को एलईडी स्क्रीन पर दिखाया जाएगा। एसपी कार्यालय में कंट्रोल रूम होगा, जहां से पूरे शहर की निगरानी की जाएगी। कैमरे लगाने का खाका तैयार हो चुका है। जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा, ताकि इसे तीन माह में पूरा किया जा सके। दिल्ली बाईपास और अशोका चौक पर पहले कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि इनका ट्रायल हो सके। सोमवार को हुई अधिकारियों, व्यापारियों और पार्षदों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर ने कंपनी के अधिकारियों को हिदायत दी है कि कैमरों में कोई भी सामान चाइनीज हुआ तो पूरी पेमेंट रोक दी जाएगी। कंपनी के अधिकारियों ने वादा किया कि कोई सामान चाइनीज नहीं होगा।
23 जगहों में अधिकतर चौराहे और ऐसी जगहें हैं, जहां से सड़कों पर नजर रखने के लिए कई-कई कैमरे लगाए जाएंगे। एटीपी केके वार्ष्णेय ने बताया कि हिसार रोड व भिवानी चुंगी भी इसमें जोड़े जा सकते हैं, जिनके लिए एसपी की ओर से कहा गया है। बताया कि 90 कैमरों में 75 स्थायी होंगे, जबकि 15 कैमरे ऐसे होंगे जो चारों ओर घूमते रहेंगे। ये कैमरे 360 डिग्री पर घूमेंगे। इनकी पिक्चर क्वालिटी बेहतर होने से 200 मीटर तक जूम किया जा सकता है। इन कैमरों की पिक्चर क्वालिटी अंधेरा होने पर भी बेहतर रहेगी, जिसमें किसी भी इंसान का चेहरा साफ दिखाई देगा। इनको बीएसएनएल की जमीन में दबी केबल से जोड़कर एसपी कार्यालय के कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा, जहां पुलिस कर्मियों व कंपनी के एक कर्मी की तैनाती होगी। इसके अलावा शीला बाईपास चौक, दिल्ली बाईपास चौक आदि ऐसी जगहों पर कैमरों के पास एलईडी लगाई जाएंगी। जिससे किसी तरह का अपराध होने पर कोई संदिग्ध होता है तो उन एलईडी पर उसका फोटो फ्लैश किया जाएगा। जिससे लोग उसे देख सकें और उसे पकड़ने में मदद कर सकें।
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दिल्ली बाईपास चौक व अशोका चौक पर ट्रायल
दिल्ली बाईपास चौक व अशोका चौक पर ट्रायल के लिए जल्द कैमरे लगेंगे, जिससे देखा जा सके कि इनका कुछ फायदा होता है या नहीं। यह भी कि कैमरे किस तरह से काम कर रहे हैं। कैमरों का इंश्योरेंस कराने की बात कही जा रही है, जिससे किसी तरह का नुकसान होने पर निगम को खर्च न उठाना पड़े। कैमरे लगाने वाली कंपनी ही एक साल तक इनकी देखरेख करेगी।
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कोचिंग सेंटर व हॉस्पिटल के पास भी लगवाएंगे कैमरे
एटीपी केके वार्ष्णेय ने बताया कि यह अभी प्रशासन की ओर से कराया जा रहा है, लेकिन उनकी सभी कोचिंग सेंटर व हॉस्पिटल संचालकों से बात चल रही है, ताकि वह भी अपने यहां अंदर और बाहर कैमरे लगवाएं। इससे उनके यहां भी सुरक्षा रहेगी और उनके कैमरों से सभी को मदद मिलेगी।
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छेड़छाड़ नहीं रोक रही पुलिस, कैमरों से क्या होगा?
जिस समय राज्यमंत्री व अधिकारी मीटिंग ले रहे थे, उसी समय एक व्यापारी ने कहा कि पुराने शहर में चार कॉलेज हैं, जिनमें आने-जाने वाली छात्राओं के साथ छेड़छाड़ होती है। वह कई बार पुलिस से कह चुके हैं कि वहां गश्त की जाए। लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। ऐसे में केवल कैमरे लगवाने से क्या होगा? इस पर मंत्री ने कहा कि आज कैमरों की बात हो रही है इस पर ही चर्चा की जाएगी।
इन जगहों पर लगेंगे कैमरे
-अंबेडकर चौक
-सुखपुरा चौक
-नया बस स्टैंड
-गोहाना अड्डा
-शीला बाईपास चौक
-कोर्ट कांप्लेक्स
-सोनीपत स्टैंड
-डी पार्क मेन चौक
-माता दरवाजा चौक
-भिवानी स्टैंड चौक
-दिल्ली बाईपास चौक
-पुराना बस अड्डा, हिसार-भिवानी टी प्वाइंट
-किला रोड एंट्री प्वाइंट
-दुर्गा भवन चौक
-रेलवे स्टेशन के पास अग्रसेन चौक
-अशोका मोड़ टी प्वाइंट
-झज्जर चुंगी चौक
-कच्चा बेरी रोड चौक
-शोरी क्लाथ मार्केट
-वैश्य गर्ल्स कालेज मेन गेट
-पावर हाउस
-मेडिकल मोड़