देवेन्द्र दीक्षित
रोहतक। हरियाणा विधानसभा चुनाव में ताल ठोकने उतरे कई नए दलों को मतदाताओं ने आईना दिखा दिया है। ये दल चुनाव मैदान में उतरे तो जोर शोर से थे, लेकिन नामांकन के बाद इनकी कहीं सक्रियता दिखाई नहीं दी। मंगलवार को जब नतीजे आए तो परिणाम भी उम्मीद के मुताबिक ही रहे। जनता ने इन्हें सिरे से खारिज कर दिया। इतना ही नहीं, ज्यादातर सीटों पर तो ये दल नोटा से भी पिछड़ गए हैं।
विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल समेत 54 दल भाग्य आजमाने रण में उतरे थे। इनमें प्रमुख राष्ट्रीय दल भाजपा 48 सीटों के साथ लगातार तीसरी बार बहुमत से सरकार बनाने जा रही है। वहीं, कांग्रेस इस बार 37 सीटें जीतकर विपक्ष की भूमिका निभा सकती है। लेकिन, क्षेत्रीय पार्टी जननायक जनता दल का प्रदर्शन शर्मनाक रहा है। पिछली सरकार में डिप्टी सीएम रहे दुष्यंत चौटाला अपनी ही सीट नहीं बचा सके। हालांकि, इंडियन नेशनल लोकदल व बसपा गठबंधन दो सीटें जीतने में कामयाब रहीं।
अन्य दलों की बात करें तो 90 सीटों पर प्रत्याशी उतारने वाली आम आदमी पार्टी का किसी भी सीट पर खाता नहीं खुल सका। अधिकतर सीटों पर आप निर्दलीय और नोटा से भी पीछे रह गई। कुछ सीटों को छोड़कर आप प्रत्याशियों की जमानत तक जब्त हो गई। ऐसा ही हाल अन्य नए दलों का भी रहा है। ज्यादातर दल जमानत नहीं बचा सके।
ये दल हरियाणा चुनाव में उतरे थे
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी), भारतीय किसान पार्टी, युग तुलसी पार्टी, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम), नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पंवार, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) (सिमरनजीत सिंह मान), बुलंद भारत पार्टी, सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट), भारतीय शक्ति चेतना पार्टी, अखिल भारतीय किसान मजदूर पार्टी, जनसेवक क्रांति पार्टी, लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी, राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी (सत्य), आम आदमी परिवर्तन पार्टी, राष्ट्रीय भागीदारी समाज पार्टी, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक), हरियाणा लोकहित पार्टी, पॉलिटिकल टीम इंडिया, राष्ट्रीय लोक स्वराज पार्टी, मिशन एकता पार्टी, नेहरू जनहित कांग्रेस, भारतीय किसान पार्टी, सर्व जन समाज पार्टी (नंद किशोर चावला), इंडियन प्रजा कांग्रेस, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए), राष्ट्रीय गरीब दल, हरियाणा जनसेवक पार्टी, राष्ट्र निर्माण पार्टी, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया, राइट टू रिकॉल पार्टी, राष्ट्रवादी भारत पार्टी, वीर लक्ष्य पार्टी, आम जनशक्ति पार्टी, भारत जोड़ो पार्टी, भारत जन जागरण दल, अखिल भारतीय सोशलिस्ट पार्टी, बहुजन जनता दल (खोड़ावल), राष्ट्रीय मजदूर एकता पार्टी, लिबरल सोशलिस्ट पार्टी, संयुक्त संघर्ष पार्टी, अंबेडकर समाज विकास पार्टी, राष्ट्रीय मजदूर विकास पार्टी, भारतीय पंचायत पार्टी, राष्ट्रीय जातिगत आरक्षण विरोधी पार्टी, किसान मजदूर संघर्ष पार्टी, अखिल भारतीय मानवतावादी पार्टी, राष्ट्रीय जनहित विकास पार्टी, बहुजन मुक्ति पार्टी।