रोहतक। सरकारी योजनाएं निजी हाथों में असुरक्षित नजर आ रही हैं। पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) में कुछ यही हो रहा है। जिले में पिछले दिनों सामने आए अनधिकृत आय सत्यापन व एफआईडीआर (फैमिली इनफोर्मेशन डेटा रिपोजिटरी) में परिवर्तन की जांच रिपोर्ट भी यही कह रही है।
हरियाणा परिवार पहचान पत्र प्राधिकरण की जांच रिपोर्ट में झज्जर, करनाल, कुरुक्षेत्र के डीसीआरआईएम व जेडसीआरआईएम के नाम सामने आए हैं। 0इस मामले में पुलिस की जांच फिलहाल वहीं है, जहां पहले दिन थी।
जांच रिपोर्ट की मानें तो अब तक सात डीसीआरआईएम व जेडसीआरआईएम गड़बड़ झाले में सामने आ चुके हैं, जबकि नाम इससे अधिक हैं। यही नहीं, अनुबंध आधारित इन अधिकारियों व कर्मचारियों ने नौ सितंबर से 17 सितंबर 2024 के बीच महज छह दिन में 711 परिवारों की आय में बदलाव कर दिया। यह भी संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति पर मिलने ओटीपी के जरिए किया गया। विभाग की लॉगिन गतिविधि की जांच में कुछ आईपी पते सामने आए हैं। इसमें लॉगिन ऑन करने व ओटीपी प्रयोग करने का दिन व समय भी दिया गया है।
जांच में सामने आया है कि इस मामले का झज्जर से भी लिंक है। झज्जर के जेडसीआरआईएम के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। इसके साथ क्रीड के कुछ अन्य कर्मचारी भी शामिल बताए गए हैं। साक्ष्य बता रहे हैं कि 16 सितंबर 2024 को 15:14 बजे आईपी एड्रेस 110.224.67.253 पर सिकंदर की गतिविधि दर्ज की गई। इसी दिन 15:15 पर इसी आईपी एड्रेस पर एडीसी रोहतक की लॉगिन गतिविधि हुई। ऐसे मामला गंभीर नजर आ रहा है। अपराधियों ने प्रशासनिक कर्मचारियों की व्यस्तताओं का फायदा उठाकर क्रेडेंशियल्स, जिसमें ओटीपी भी शामिल है, तक पहुंच बनाई। झज्जर मामले में भी इसी तरह के पैटर्न देखे गए हैं। विस्तृत जांच से ओटीपी प्राप्त करने के लिए कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं और संदिग्ध लॉगिन के दौरान एडीसी के कर्मचारी ओटीपी को संबंधित व्यक्तियों के साथ साझा करते रहे हैं, यह सामने आ सकता है। साइबर थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है।
वर्जन
पीपीपी में छेड़छाड़ कर अनधिकृत सत्यापन के मामले में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। फिलहाल कोई नई जानकारी सामने नहीं आई है। मामले को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है। इसमें सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नरेंद्र कुमार, एडीसी।