रोहतक। रोडवेज बसों के शीशों पर जहां गंदगी और धूल जम रही है, वहीं दूसरी रोडवेज के कर्मशाला में लगी स्वचालित वॉशिंग मशीनें भी खराब पड़ी हैं। कर्मशाला में पहले दो स्वचालित वॉशिंग मशीनें थीं जिनमें से एक पहले ही खराब हो चुकी है। दूसरी की केवल पानी की मोटरें चलती हैं। सफाई करने के लिए न मशीन स्वयं चलती और न ही उनमें ब्रश है।
ऐसे में बसों की समय पर और तुरंत सफाई करने की व्यवस्था ठप दिखी। यहां कर्मचारियों को हाथ में ब्रश और पाइप लेकर बसों को साफ करना पड़ रहा है जिससे समय भी अधिक लगता है और सफाई भी बेहतर ढंग से नहीं होती है।
कर्मशाला में बसों की सफाई के लगाई गईं मशीनें काम नहीं कर रही हैं। ऐसे में डिपो से संचालन करने वाली रोडवेज बसों की शीशे धुंधले दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, नई बसें डिपो में हाल ही में शामिल होने से गंदगी कम दिखाई दी।
वीरवार को बूथ समेत परिसर की चार बसों के बाहर शीशों पर धूल-मिट्टी दिखाई दी। अन्य तीन बसों के ठीक हालत में दिखीं। इस दौरान झज्जर डिपो और पानीपत डिपो की बसें भी खराब दिखीं। दूसरी ओर से रोडवेज के पास इनकी सफाई के लिए उचित बंदोबस्त कमजोर है।
वर्जन
बसों की सफाई निरंतर की जा रही है। एक वॉशिंग मशीन काम कर रही है। कर्मचारी भी बसों को साफ कर रहे हैं। जल्द ही मुख्यालय से एक और स्वचालित वॉशिंग मिलने की उम्मीद है।
- सुरेंद्र सिवाच, कर्मशाला प्रबंधक, रोडवेज
फोटो :
सर्दी में यात्री शीशे बंद रखते हैं लेकिन उनमें जमी गंदगी और धूल यात्रियों को परेशान करती है। डिपो की अधिकतर बसों की सफाई नहीं हो ही है।
- साहिल देशवाल, बलियाणा
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सोनीपत मार्ग की ओर से चलाने बसों के शीशे और दरवाजे गंदगी से भरे होते हैं। अधिकतर यात्री बेबस होकर ही बसों में बैठ जाते हैं।
- रोहित जांगड़ा, यात्री
11...रोहतक बस स्टैंड के कर्मशाला में स्वचालित वॉशिंग मशीन बंद होने से हाथ से सफाई करते कर्मचार
11...रोहतक बस स्टैंड के कर्मशाला में स्वचालित वॉशिंग मशीन बंद होने से हाथ से सफाई करते कर्मचार
11...रोहतक बस स्टैंड के कर्मशाला में स्वचालित वॉशिंग मशीन बंद होने से हाथ से सफाई करते कर्मचार