दिवाली पर कमाई करने सांपला आए परिवार की खुशी उस समय मातम में बदल गई, जब बस ने सड़क से गुजर रहे दादी-पोते को कुचल दिया। दादी की मौत हो गई, जबकि पोते का पैर टूट गया। उसे पीजीआई में दाखिल कराया गया है। सांपला पुलिस ने बस चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने का मुकदमा दर्ज किया है।
राजस्थान के सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ के रहने वाले असलम ने बताया कि उसकी तीन बेटी और दो बेटे हैं। साथ ही वह सोनीपत के सबलपुरा गांव में रह रहा है। उसके बेटे बबलू के दो बेटे आसिफ और काशिफ है। वो दिवाली पर हर साल परिवार सहित सांपला आकर गाड़ियों के श्रंगार का काम करता है। इसके लिए अबकी बार भी सड़क किनारे डेरा लगाकर चार दुकान सजाई थी।
दिवाली के दिन सुबह करीब सवा सात बजे उसकी पत्नी जरीना और पोता आसिफ दुकान पर थे। जरीना ने कहा कि वह एक बार सड़क किनारे बनाए डेरे पर जाकर बेटी को संभालकर आती हूं। जैसे ही जरीना अपने पोते आसिफ को लेकर डेरे की तरफ जाने लगी, तभी पीछे से बस ने टक्कर मार दी।
उसकी पत्नी जरीना व पोते आसिफ को काफी चोटें आई। उसने निजी वाहन से दोनों को पीजीआई रोहतक में दाखिल कराया, जहां डॉक्टरों ने उसकी पत्नी को मृत घोषित कर दिया, जबकि आशिफ का पैर टूटा मिला। उसका उपचार जारी है। उसने पता किया कि बस चालक कृष्ण निवासी मांडोठी, जिला झज्जर था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।