संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। शराब के ठेके उठाने में आबकारी विभाग की अफसरशाही का नशा ही उतरा जा रहा है। बदमाशों की गुंडागर्दी से त्रस्त कारोबारी अब इस धंधे में हाथ डालने से कतरा रहे हैं। हाल यह है कि शुक्रवार को तीसरी बार रखी गई नीलामी में भी 32 ठेकों को चलाने के लिए कोई हिम्मत नहीं दिखा पाया। सिर्फ महम जोन के दो ठेके ही उठ सके।
आबकारी विभाग ने जिले में 58 जोन बना रखे हैं। यहां के शराब ठेकों की नीलामी के तीन बार बोली लगवाई जा चुकी है। फिर भी, 16 जोन के 32 ठेके अब तक खाली ही हैं। इसके पीछे अपराधियों की गुंडागर्दी को मूल कारण माना जा रहा है।
पिछले दिनों महम के बाद भालौठ जोन के ठेकों को लेकर फायरिंग हो चुकी है। पुलिस ने दोनों जगह फायरिंग के दो-दो आरोपी तो पकड़े, लेकिन महम में गुंडागर्दी के आरोपी सुमित उर्फ छोटा सैमाणिया और भालौठ के रवि रिटौलिया को अभी तक दबोचा नहीं जा सका है।
हैरानी की बात है कि पुलिस को अपराधियों के नाम-पते तक सब मालूम हैं, लेकिन फिर भी आरोपी उनकी पकड़ से कोसों दूर हैं। यह हाल तब है, जबकि अपराधियों ने खुलेआम चुनौती देकर गोलियां चलाई हैं। पुलिस अधिकारी हर बार इनकी जल्द गिरफ्तारी का दावा ही करते रह जाते हैं। आबकारी इंस्पेक्टर रीना नरवाल के मुताबिक, ठेकों की न्यूनतम दर में तीन प्रतिशत की छूट देकर बोली लगाने के बाद महम जोन के दो ठेकों की नीलामी शुक्रवार को हो गई हैै। बाकी, 16 जोन के 32 ठेकों की नीलामी बाकी है। इनके लिए चौथी बोली की तिथि मुख्यालय से जल्द तय होगी।