शहीद के भाई को तिरंगा भेंट करते बीएसएफ के जवान। संवाद
मणिपुर में 22 दिसंबर को नक्सली हमले में शहीद हुए बीएसएफ के हेड कांस्टेबल सुनील कुमार मंगलवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। उनकी पार्थिव देह का किलोई में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जिला प्रशासन की ओर से उपमंडलाधीश आशीष कुमार ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उनकी अंतिम यात्रा में गांव के अलावा आसपास के इलाके से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
किलोई निवासी 46 वर्षीय बीएसएफ के हेड कांस्टेबल सुनील कुमार मणिपुर में तैनात थे। वहां वह 22 दिसंबर को देश की सेवा करते हुए नक्सली हमले में शहीद हो गए। उनकी शहादत की सूचना मिलते ही परिजनों के अलावा पूरा गांव व आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मंगलवार सुबह बीएसएफ के विशेष वाहन से तिरंगे में लिपटा सुनील का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। यहां शहीद के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़़ा।
बीएसएफ के जवानों की टुकड़ी ने गोली चलाकर व मातमी धुन बजाकर शहीद को अंतिम विदाई दी। शहीद के परिजनों ने कहा कि हमें अपने लाडले की शहादत पर गर्व है। वह करीब 18 वर्ष पहले बीएसएफ में भर्ती हुए थे। सुनील की दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी स्वाति करीब 18 वर्ष व छोटी बेटी सिमरन करीब 14 वर्ष की है। सुनील कुछ दिन पहले ही छुट्टी से अपनी ड्यूटी पर लौटे थे।
24jjrp15- बेरी। कार्यक्रम को संबोधित करते इंद्रेश कुमार। स्त्रोत- आयोजक- फोटो : udhampur