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Rohtak News: सिविल अस्पताल में आने वाले मरीजों का मर्ज बढ़ा रही टूटी सड़कें और पानी

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26jjrp10- सिविल अस्पताल में पुरानी सीएमओ कार्यालय के बाहर जमा बारिश का पानी और बने गड्ढे। संवाद
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झज्जर। सिविल अस्पताल में मरीज अपना इलाज कराने के लिए आते हैं ताकि उनकी बीमारी दूर हो सके लेकिन पिछले एक माह से सिविल अस्पताल की टूटी सड़कें और जलभराव के चलते मरीजों का दर्द दूर होने की बजाय बढ़ने लगा है।
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सरकारी अस्पताल में एंट्री करने के अधिकतर रास्तों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मुख्य एंट्री गेट के अंदर आते ही सड़क बुरी तरह से टूट चुकी है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। टूटी सड़कों में बारिश का पानी पिछले एक माह से अधिक समय से भरा हुआ है लेकिन उसकी कोई निकासी नहीं है।
ऐसे में मरीजों को सिविल अस्पताल के अंदर तक पहुंचने में ही काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल के अंदर आने वाले अन्य रास्तों पर भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
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सिविल अस्पताल में अंदर आने के मुख्य दो गेट हैं। एक ऑस्कर अस्पताल के सामने हैं और दूसरा बाईपास से आता है। ऑस्कर अस्पताल के सामने मुख्य गेट से अंदर एंट्री होते ही मुख्य सड़क पर मिट्टी के ढेर लगाए गए हैं जिससे आधी सड़क पिछले तीन दिन से रुकी हुई है।
बारिश के कारण यहां कीचड़ की स्थिति बन गई है। इसी रास्ते से आगे क्वार्टरों की तरफ से भी अंदर जाने का मार्ग है लेकिन यहां भी बारिश का पानी जमा है। इस कारण पैदल अंदर नहीं जाया जा सकता।
पुराने सीएमओ कार्यालय के नजदीक से भी अंदर जाने की एंट्री है लेकिन सभी जगह पर जलभराव है। सीएमओ कार्यालय के आसपास तो सड़क की हालत इतनी खराब है कि उसमें गहरे गड्ढे बन चुके हैं और उनमें बारिश का पानी भरा है।
सीएमओ कार्यालय के साथ पार्कों व खाली जगह पर भी पानी भरा हुआ है। इस कारण पैदल आवागमन मुश्किल है। मॉर्चरी की तरफ जाने वाले मार्ग पर भी बारिश का पानी भरा हुआ है। बाईपास के गेट से एंट्री करने के बाद आगे भी बारिश का पानी जमा है लेकिन सभी जगहों से पानी निकासी का कोई प्रबंध नहीं है।

अधिकारी देख रहे, लेकिन समाधान कोई नहीं
आए दिन सिविल अस्पताल में कोई न कोई अधिकारी आता रहता है। मंगलवार को भी सिविल सर्जन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंची। आम जनता गंदे पानी व टूटी सड़कों से होकर गुजरती रही लेकिन किसी का कोई ध्यान नहीं गया।
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