राजीव गांधी विद्युत सदन में औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते बिजली निगम के चीफ ?
- फोटो : RohtakCity
बिजली निगम के चीफ इंजीनियर ने बुधवार को दो चरण में औद्योगिक इकाइयों के साथ बिजली सप्लाई व खपत को लेकर मंथन किया। इस दौरान सभी औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों का कहना था कि निर्बाध बिजली सप्लाई नहीं मिलती। फॉल्ट तो कभी ब्रेक डाउन की वजह से बिजली सप्लाई बाधित होती है। इसका सीधा असर प्रोडक्शन (उत्पादन) पर पड़ता हैं। इस पर जल्द ही निर्बाध बिजली सप्लाई की व्यवस्था का भरोसा दिया गया।
लॉकडाउन के दौरान इंडस्ट्रीज में उत्पादन बंद होने की वजह से बिजली की खपत एकदम कम हो गई। धीरे-धीरे इंडस्ट्रीज में बिजली की खपत 70-80 फीसदी तक पहुंच गई है। बिजली निगम के अधिकारियों ने इंडस्ट्रीज से बिजली सप्लाई को लेकर फीडबैक लेने के साथ-साथ समस्याओं पर मंथन करने के आदेश दिए। चूंकि कोरोना की वजह से एकसाथ सभी इंडस्ट्रीज को मंथन के लिए नहीं बुलाया जा सकता है, इसलिए सर्वाधिक खपत और समय पर भुगतान करने वाली इंडस्ट्रीज को बैठक में बुलाया गया। सोशल डिस्टेंसिंग के तहत बैठक दो चरणों में हुई।
बैठक में चीफ इंजीनियर वीएस मान, अधीक्षण अभियंता एसके बंसल ने इंडस्ट्रीज से बिजली को लेकर हो रही समस्याओं के बारे में पूछा तो सभी ने ब्रेक डाउन, लाइनों के ट्रिप होने और फॉल्ट होने की वजह से बिजली सप्लाई के बाधित होने का मुद्दा उठाया। इंडस्ट्रीज की ओर से कहा गया कि बिजली सप्लाई निर्बाध नहीं होने की वजह से उत्पादन काफी प्रभावित हो रहा है। बेहतर होगा कि इंडस्ट्रीज के लिए बिजली सप्लाई की अलग से व्यवस्था की जाए या फिर अल्टरनेट लाइनों से कनेक्शन मिले। ऐसा होने से यदि एक तरफ से बिजली सप्लाई बाधित होती है तो कम से कम दूसरी तरफ से सप्लाई लेकर उत्पादन बरकरार रखा जा सके। बैठक में लोट्टे आइडिया, यूनिवर्सल पिसीसन स्क्रू, एरिक एग्रो फूड प्रोडक्ट, हाइटेक प्लास्ट लिमिटेड, सबर कत्था, एसिन ऑटोमैटिक, परमहंस बॉयर प्राइवेट लिमिटेड, एस्सार प्राइवेट लिमिटेड, मैरिनो पैनल प्रोडेक्टर लिमिटेड, एशियन पेंट व मारुति सुजुकी आदि के प्रतिनिधि मौजूद रहे।