देश के लिए खेलना छोड़कर प्रोफेशनल बॉक्सिंग की राह चुनने वाले बॉक्सर
विजेंद्र सिंह को अपनों की नाराजगी का अंदाजा है। हालांकि वह इस नाराजगी को
अपनी जीत से दूर करने का प्रयास करेंगे। इसी जीत के लिए इन दिनों विजेंद्र
कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
साथ ही प्रोफेशनल बॉक्सिंग की ओर विजेंद्र का ये
कदम अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए नहीं बल्कि भविष्य में आने वाले
बॉक्सरों के हालात को सुधारना है। इस बात को खुद ओलंपिक पदक विजेता और
अर्जुन अवार्डी भिवानी के बॉक्सर विजेंद्र सिंह ने कही।
सोमवार को अमर
उजाला से फोन पर हुई बातचीत में विजेंद्र ने बताया कि जो लोग मेेरे
प्रोफेशनल बॉक्सिंग की राह अपनाने से नाराज हैं उन्हें मनाने का तरीका भी
मिल गया है। विजेंद्र ने बताया कि उनका पहला मुकाबला 10 अक्टूबर को
मैनचेस्टर में होगा और ऐसे में भले ही अपने नाराज है लेकिन, भविष्य के
बॉक्सरों के लिए ये जीत मेरे लिए जरूरी होगी।
उन्होेंने बताया कि इस
तरह प्रोफेशनल में आकर एक दांव खेला है और उस दांव में वह कामयाब हो जाते
हैं तो भारत के नये बॉक्सरों को उसका फायदा मिल सकता है। लेकिन, यह सबकुछ
विजेंद्र सिंह के प्रोफेशनल में प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। अगर विजेंद्र को
वहां कामयाबी मिलती है तो यह देश के लिए प्रोफेशनल में नया अध्याय शुरू
होगा, क्योंकि प्रोफेशनल में अभी तक भारत का कोई भी बॉक्सर चैंपियन नहीं बन
सका है।
इस हद तक अपने हुए नाराज
अर्जुन अवार्डी बॉक्सर विजेन्द्र
सिंह ने पिछले दिनों ही देश की ओर से खेलना छोड़कर प्रोफेशनल का रुख कर
लिया था। विजेन्द्र को हरियाणा सरकार ने बॉक्सिंग में अपना लोहा मनवाने का
इनाम देते हुए डीएसपी भी बनाया था। लेकिन विजेन्द्र के प्रोफेशनल में जाने
से उनसे हरियाणा सरकार के साथ ही कुछ अपने नाराज हो गये थे। अब खुद
विजेन्द्र भी मानते है कि प्रोफेशनल बॉक्सिंग में जाने से इस हद तक अपने
नाराज होंगे ये उम्मीद न थी।