संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप कुमार दुग्गल की अदालत ने दुष्कर्म, अपहरण, मादक पदार्थ पिलाने, धमकी और साजिश के आरोपी समैण गांव निवासी अमित व बहुजमालपुर निवासी संदीप को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।
महिला के पति ने 11 नवंबर 2023 को कलानौर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी 10 अक्तूबर 2023 को घर से 20 हजार रुपये लेकर चली गई। वह तलाश करते हुए सुसराल पहुंचा तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। 13 अक्तूबर को महिला को पुलिस के सामने पेश किया गया।
पीड़िता ने पुलिस को बयान दिया कि आरोपी अमित ने नशीला पदार्थ पिलाकर उनके साथ दो दिन तक दुष्कर्म किया। उसके दोस्त संदीप ने भी उसका साथ दिया था। पीड़िता ने कोर्ट में बयान दिया कि 10 अक्तूबर 2023 को आरोपी अमित का फोन आया। उसने अपने पास आने को कहा था। वह अपनी मर्जी से उसके साथ वहां गई थी। पति के दबाव में उन्होंने पुलिस को बयान दिया था।
अदालत ने यह भी माना कि डीएनए रिपोर्ट में आरोपी अमित का डीएनए पीड़िता के स्वैब से मेल नहीं खाया। नशीला पदार्थ दिए जाने का भी कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला। अदालत ने फैसले में कहा कि पीड़िता के बयानों में विरोधाभास हैं। वैज्ञानिक व चिकित्सीय साक्ष्य भी अभियोजन के आरोपों की पुष्टि नहीं करते। सह आरोपी संदीप के खिलाफ भी कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला। ऐसे में दोनों आरोपियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।