10 जुलाई की रात फ्लैट में हुई शार्ट सर्किट से लगी आग से मौत हुई थी। पैतृक गांव चुलियाना में अंतिम संस्कार होगा। रौनक दम घुटने के कारण बेहोश हो गया था। रौनक दम घुटने के कारण बेहोश हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां 90 मिनट तक उसका उपचार चला।
10 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में शार्ट सर्किट से आग लगने से मृत रौनक उर्फ हैप्पी का शव 19 दिन बाद शुक्रवार को दिल्ली पहुंचेगा। परिजनों के अनुसार शुक्रवार देर शाम तक शव हरियाणा के रोहतक के गांव चुलियाना पहुंचेगा।
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शनिवार सुबह अंतिम संस्कार किया जाएगा। रौनक के भाई रवि ने बताया कि आस्ट्रेलिया के सिडनी में 10 जुलाई को रौनक चौधरी उर्फ हैप्पी की अपार्टमेंट में आग लगने से मौत हो गई थी। रौनक ने 2012 में डीएवी स्कूल 12वीं पास की थी। इसके बाद आईएमटी स्थित एफडीडीआई से चार साल का कोर्स किया था।
तीन साल पहले वह मास्टर ऑफ कम्यूनिकेशन की डिग्री के लिए ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में गया था। रहने के लिए सिडनी में ही किराए पर अपार्टमेंट ले रखा था, जहां कैथल के छात्र 20 वर्षीय प्रिंस के साथ रह रहा था। रवि ने बताया कि 10 जुलाई तड़के साढ़े 3 बजे उसके पास सिडनी पुलिस का फोन आया।
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बताया कि जिस अपार्टमेंट में रौनक रह रहा था, उसमें शार्ट सर्किट के चलते आग लग गई। हादसे की सूचना पाकर फायर ब्रिगेड व पुलिस मौके पर पहुंची। फायर कर्मियों ने सीढ़ियों के रास्ते एक छात्र प्रिंस को तो निकाल लिया, लेकिन रौनक दम घुटने के कारण बेहोश हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां 90 मिनट तक उसका उपचार चला। काफी प्रयासों के बावजूद उसे बचाया जा नहीं जा सका।