37...पीजीआई के एनाटॉमी विभाग में ओमैक्स सिटी निवासी कृष्णा शर्मा की देहदान के दौरान परिवार को प
रोहतक। हैप्पी होम्स ओमैक्स सिटी निवासी कृष्णा शर्मा ने मरने के बाद देहदान करके दुनिया के लिए मिसाल कायम कर गई हैं। उनके भाई नरेंद्र शर्मा और बहन संतोष मुदगिल ने मरणोपरांत उनकी मृत देह पीजीआईएमएस के एनाटॉमी विभाग में छात्रों की शोध के लिए दान की।
एनाटॉमी विभाग के प्रोफेसर गोपाल ने उनके परिजनों का आभार जताया व याद स्वरूप पौधा भेंट किया। इस दौरान डॉ. कमल सिंह ने कहा कि मरने के बाद भी अपनी यादें छोड़नी हैं तो अपनी आंखें दान करनी चाहिए। जिन लोगों को आपकी आंखें लगेंगी, वें सारी उम्र आपके आभारी रहेंगे।
परिवार ने शरीर दान कर सराहनीय कार्य किया है। यह अन्य लोगों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत है। नरेंद्र शर्मा ने बताया कि उनकी बहन धार्मिक प्रवृत्ति की थीं। उनका हमेशा प्रयास रहता था कि किसी तरह से समाज की भलाई के लिए कार्य किया जाए। उनकी पढ़ने में भी बहुत रुचि थी। बहन चाहती थी कि उनकी मृत्यु पश्चात उनका शरीर पीजीआई में छात्रों की रिसर्च के लिए दान दिया जाए।
इस दौरान डॉ. आरती ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि हमें समाज में फैली हुई भ्रांतियों से बचना चाहिए। ऐसे कार्यों के लिए आगे आना चाहिए। जिंदा रहते हुए रक्तदान करना चाहिए और मरणोपरांत शरीर दान करना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. गोपाल, डॉ. रितु, डॉ. आरती, डॉ. कमल, डॉ. अलेक्स, डॉ. महिमा व अन्य उपस्थित रहे।