आईएमटी स्थित ऑटो फैक्टरी में सोमवार को हुए ब्लास्ट के बाद मंगलवार को फैक्टरी के बाहर बैठे मृतक कर
एक तरफ जहां आईएमटी में ऑटो कंपनी में हुए धमाके के केस में मृतक बिजेंद्र व रमेश के परिजनों व कंपनी प्रबंधन के बीच आर्थिक सहायता पर सहमति बन गई है, वहीं दूसरी तरफ केस की जांच कर रहे एसआई का कहना है कि दोनों पक्षों में सहमति का केस की जांच पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनको औद्योगिक विभाग के मेकेनिकल इंजीनियर की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट के आधार पर दर्ज केस में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खेड़ी साध के नजदीक आईएमटी में कार व बाइक के कल पुर्जे बनाने वाली ऑटो कंपनी है, जिसमें सोमवार सुबह करीब साढ़े 7 बजे धमाके की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची थी। हादसे में यूपी के सोनभद्र जिले के बिजेंद्र और प्रयागराज जिले के रमेश यादव की मौत हो गई थी। जबकि गोरखपुर निवासी सचिदानंद घायल हो गए थे। पुलिस ने सचिदानंद के बयान पर कंपनी के एचआर अनिल व सेफ्टी ऑफिसर कमल के खिलाफ लापरवाही बरतने का केस दर्ज किया था। सूचना पाकर मंगलवार सुबह दोनों मृतकों के परिजन रोहतक पहुंचे। कंपनी के अंदर सुबह 10 बजे से तीन बजे तक बातचीत चली। कंपनी आर्थिक सहायता देने के लिए तैयार हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर यूपी रवाना हो गए।
जांच अधिकारी बोले, मेकेनिकल इंजीनियर की रिपोर्ट पर टिका केस
मंगलवार को मृतकों के शवों का बोर्ड से पोस्टर्माटम कराया गया। इसके बाद शवों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया। पता चला है कि कंपनी ने मृतक बिजेंद्र व रमेश यादव के परिजनों को आर्थिक सहायता दी है, लेकिन इसका केस की जांच पर कोई असर नहीं होगा। पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ा दी है। इसके लिए औद्योगिक विभाग के मेकेनिकल इंजीनियर से जांच रिपोर्ट मांगी जाएगी। रिपोर्ट से पता चलेगा कि आखिर हादसे की वजह क्या रही। -एसआई बुध सिंह, जांच अधिकारी थाना आईएमटी।
आईएमटी स्थित ऑटो कंपनी में सोमवार को हुए बलास्ट के बाद मंगलवार को फैक्टरी के बाहर बैठे कर्मचारीय?