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ब्लैकमेलर के साथ 22 दिन रही महिला, क्लिप डिलिट करते ही बुला लिया पति को

Mon, 10 Aug 2015 02:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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सेक्टर 3 में रविवार को सनसनी फैल गई।
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एक घर से पंजाब और स्थानीय पुलिस ने ढाई घंटे के आपरेशन के बाद एक महिला और उसके बेटे को छुड़वाया।

महिला यहां 22 दिन से अगवा कर रखी गई थी। आरोपी युवक ने उसकी अश्लील वीडियो बना रखी था और लगातार ब्लैकमेल कर रहा था।

जैसे ही महिला को किसी तरह आरोपी का मोबाइल हाथ लगा, उसने तुरंत वीडियो डिलिट कर दी और अपने पति को फोन कर दिया। व्हाट्स एप पर घर के आसपास की फोटो भी भेज दी।

पुलिस ने ढाई घंटे आपरेशन के बाद महिला और उसके बच्चे को तो छुड़ा लिया, लेकिन आरोपी पकड़ में नहीं आ सका। हालांकि महिला का इतने दिनों तक बंधक रहना और इतनी फोर्स के बाद भी आरोपी का पकड़ में न आना मामले को संदिग्ध भी बना रहा है। पीड़ित जालंघर में एक प्लाइवुड व्यापारी की पत्नी है।
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फेसबुक पर हुई दोस्ती बनी जाल
हथियारों से लैस होकर पहुंची पुलिस के साथ आरएसओ की टीम भी मौजूद रही। सूत्रों की मानें तो महिला और हिसार सेक्टर 14 के रहने वाले आरोपी सुनील की फेसबुक पर दोस्ती हुई। दोस्ती के बाद सुनील ने महिला की अश्लील क्लिप बना ली। पहले तो बेटे को जान से मारने की धमकी और फिर वीडियो को इंटरनेट पर डालने की धमकी से सुनील महिला को ब्लैकमेल करता। आरएसओ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश लूंबा उर्फ टीनू ने बताया कि महिला हिसार आई। यहां आरोपी ने उसे बंधक बना लिया। पति ने जालंधर में उसके अपहरण का केस दर्ज करवाया। 19 मई को आरोपी को 3 लाख रुपये देकर महिला उसके चंगुल से बाहर आ पाई। फिर भी सुनील नहीं माना और उसे ब्लैकमेल करता रहा।
किसी को शक न हो, इसलिए बेटे का कराया दाखिला
 दरअसल, करीब 22 दिन पहले जालंधर से उक्त महिला और उसके तीन साल के बेटे सुजल का फिर घर से अपहरण हो गया। व्यापारी पति ने जालंधर थाने में सुनील के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज करवाया। आरोपी ने यहां महिला को अपनी पत्नी बताकर रखा। किसी को शक न हो इसलिए 23 जुलाई को महिला के बेटे का नजदीक के स्कूल में दाखिला भी करा दिया। आरोपी सुनील ने अपने बताया था कि वह रोहतक में प्रॉपर्टी डीलर है। पति का कहना है कि अब तक आरोपी जालंधर पुलिस के एक जवान की वजह से पुलिस को चकमा दे रहा था। वह सुनील से मिला हुआ था। पुलिस की कार्रवाई की सूचना सुनील को देता था। मनीष की शिकायत पर संबंधित पुलिसकर्मी को दो दिन पहले ही सस्पेंड किया गया था।
ऐसे निकली आरोपी के चंगुल से
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि जब सुनील उसे हिसार लेकर गया था तो उसकी पत्नी को पता चलने पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ और आरोपी रोहतक आ गया। मैं आरोपी के मोबाइल से वीडियो क्लिप डिलिट करने के चक्कर में उसके साथ रहने लगी। दो दिन पहले सुनील के मोबाइल से क्लिप डिलिट करने का मौका मिला। इसके बाद उसने सट्टे में प्रयोग होने वाले फोन से अपने पति को सारी कहानी बताई। पुलिस ने फोन लोकेशन को ट्रेस किया। महिला ने घर के अंदर से बाहर की एक फोटो व्हाट्स एप पर भेज दी। फिर आरएसओ के माध्यम से पूरे सेक्टर 3 में छानबीन की गई। फोटो में पार्क के लोकेशन आ रही थी। आरएसओ सेक्टर 3 के सभी पार्क के आसपास बने मकान के सामने खड़े हो गए। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद जैसे ही मैच शुरू हुआ तो महिला किसी तरह चंगुल से निकल मकान से बाहर आ गई। दूर आने पर उसे रस्ते में पुलिस मिली। लेकिन पुलिस जब तक महिला के बताए घर पर पहुंची तो आरोपी मौके से फरार हो चुका था।
बेटे को नौकर के हवाले कर महिला को ले जाता था सुनील
जालंधर पुलिस के मुताबिक आरोपी सुनील ने महिला को उसके बेटे को निशाने पर रखकर बंधक बना रखा था। इस साजिश में सुनील के नौकर का नाम भी सामने आया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक स्पष्ट तौर पर उसे आरोपी नहीं माना है। आरोपी सुनील जब भी पीड़ित के साथ कहीं बाहर जाता तो उसके बेटे को नौकर को सौंप देता था। जब महिला घर पर रहती तो आरोपी उसके बेटे को नौकर के साथ घर से बाहर भेज देता था। हमेशा बेटे को जान से मारने की धमकी देता।
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15 दिन पहले ही किराये पर लिया मकान
सेक्टर-3 के जिस मकान से मां-बेटे को बरामद किया गया है, उसका मालिक राजेंद्र सिंह मुंबई में रहता है। 15 दिन पहले ही सुनील ने किराये पर मकान लिया था। मकान से 2 लाख 37 हजार रुपये की नकदी, दो एलसीडी और कुछ होटलों व अन्य चीजों के बिल और कई मोबाइल बरामद हुए हैं।
वर्जन
जालंधर पुलिस अपहरण के मामले में आई थी। हमने मिलकर सेक्टर-3 में ऑपरेशन चलाया। मां और बेटे को बरामद कर लिया है, लेकिन आरोपी पकड़ से दूर रहा।  
- रामफल, अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी।  
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