विजेंद्र कौशिक
रोहतक। भाजपा के प्रदेश संगठन प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया का कहना है कि निकाय चुनाव के कारण प्रदेश में भाजपा के संगठनात्मक चुनाव में रुकावट आई है। अब 2 मार्च के बाद केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर मंडल स्तर के संगठन के बाद जिला व प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति पर चर्चा होगी। बुधवार को रोहतक पहुंचने पर अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में उन्होंने यह बात कही।
डॉ. सतीश पूनिया ने कहा कि भाजपा हर चुनाव को गंभीरता से लेती है। निकाय चुनाव को लेकर वार्ड स्तर की समस्याओं को ध्यान में रखकर संकल्प पत्र तैयार किया है, ताकि मतदाताओं के अंदर पार्टी के प्रति भरोसा पैदा कर सकें कि भाजपा उनके लिए क्या करेगी। उन्होंने कहा कि हर चुनाव में मुद्दे होते हैं। मतदाता के मन में सवाल होता है कि अगर उन्होंने वोट दिया तो सरकार उनके लिए क्या करेगी। एक भरोसा पैदा करने के लिए भाजपा ट्रिपल इंजन की सरकार आने की बात कह रही है, क्योंकि निकाय चुनाव में मतदाताओं को इस बात की ज्यादा चिंता रहती है कि उसके वार्ड की टूटी सड़क कब बनेगी। सफाई कैसी रहेगी। गलियों में रोशनी रहेगी या नहीं। उन्होंने कहा कि ये ऐसी समस्याएं हैं, जो लगातार चलती रहती हैं। कई का समाधान हो जाता है, कई रह जाती हैं। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में मतदाताओं को बताने का प्रयास किया है कि उनका क्या विजन है, जबकि कांग्रेस के पास आलोचना करने के सिवाय कुछ नहीं है।
निकाय चुनाव में भी कांग्रेस दिल्ली की तर्ज पर शून्य पर आउट होगी
एक सवाल के जवाब में पूनिया ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कहा जा रहा था कि भाजपा एक भी सीट नहीं जीतेगी, लेकिन हरियाणा में पांच सीटें मिलीं। विस चुनाव में तो यह कहा गया कि कांग्रेस सरकार आ रही है, जबकि भाजपा नेतृत्व को पूरा विश्वास था कि पार्टी बहुमत से तीसरी बार सरकार बनाएगी। हरियाणा की जीत का पूरे देश में संदेश गया। पार्टी ने इसके बाद महाराष्ट्र व दिल्ली में जीत दर्ज की। आज केंद्र व राज्य में कांग्रेस नेतृत्व विहीन है। सदन के अंदर व बाहर पार्टी सकारात्मक विपक्ष की भूमिका तक नहीं निभा पा रही है। कार्यकर्ता परेशान हैं, अब पार्टी का क्या होगा, क्योंकि जब सेनापति हतोत्साहित होता है तो फौज की जीत की गुंजाइश नहीं रहती, इसलिए भाजपा को यकीन है कि प्रदेश के निकाय चुनाव में भी कांग्रेस दिल्ली की तर्ज पर शून्य पर आउट होगी।
केजरीवाल को कहीं भेज दो, उनके झूठ व पाखंड का पर्दाफाश हो चुका
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पंजाब से राज्यसभा में भेजने की चर्चा पर पूनिया ने कहा कि दिल्ली की जनता ने उनके पाखंड व झूठ का पर्दाफाश कर दिया है। अब उनको कहीं भेज दिया जाए, कोई फर्क नहीं पड़ेगा। राज्यसभा सदस्य बनने के बाद उनको पेंशन लेने का हक जरूर मिल जाएगा।